15 दिन में करना होगा छात्रों की शिकायतों का निपटारा
विश्वविद्यालयों में यूजीसी छात्र शिकायत प्रकोष्ठ रेगुलेशन 2019 लागू, पहले 30 दिन थी समय सीमा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देशभर में विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर कॉलेजों को छात्रों की शिकायतों का निपटारा अब 15 दिन में करना अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थानों में 6 मई से यूजीसी (छात्र-शिकायत प्रकोष्ठ) रेगुलेशन 2019 लागू हो गया है। यूजीसी ने मंगलवार को विश्वविद्यालयों को इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश भी जारी कर दिया है।
यूजीसी सचिव प्रो. रजनीश जैन ने इस संबंध में विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र लिखा है। अब तक यूजीसी (छात्र-शिकायत प्रकोष्ठ) रेगुलेशन 2018 लागू था। इसके तहत 30 दिन में शिकायतों का निपटान करना था। रेगुलेशन 2019 में समय सीमा 15 दिन कर दी गई है। तय समय में शिकायतों का निपटारा नहीं होता है तो छात्र लोकपाल को शिकायत देगा। विश्वविद्यालयों को अपने प्रोस्पेक्टस में यूजीसी (छात्र-शिकायत प्रकोष्ठ) रेगुलेशन 2019 की जानकारी देना अनिवार्य होगा।
नए नियम में कैंपस में अलग से सेल के साथ कमेटी भी गठित करनी अनिवार्य होगी। कमेटी का काम शिकायतों की जांच के आधार पर आगे कार्रवाई करना रहेगा। छात्र की शिकायत झूठी मिलती है तो उसका दाखिला रद्द हो जाएगा। संस्थान की गलती होने पर कोर्स की मान्यता पर विचार होगा और जुर्माना लगाया जाएगा।
एक्रीडिटेशन, अप्रूवल, रिन्यूअल में मिलेंगे प्वाइंट
छात्रों और शिक्षकों की प्रकोष्ठ में आने वाले शिकायतों का बेहतर ढंग से निपटारा करने पर कॉलेजों को एक्रीडिटेशन, अप्रूवल और रिन्यूअल में अतिरिक्त प्वाइंट मिलेंगे।
यूजीसी की कमेटी करेगी निगरानी
नए नियमों के तहत विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय शिकायत प्रकोष्ठ कमेटी, कॉलेजों में कॉलेज शिकायत प्रकोष्ठ कमेटी, संस्थानों में इंस्टीट्यूशनल शिकायत प्रकोष्ठ कमेटी व डिपार्टमेंट में विभाग शिकायत प्रकोष्ठ कमेटी बनेगी। इन सब कमेटियों व शिकायतों की निगरानी के लिए यूजीसी भी कमेटी गठित करेगी। छात्र की ऑनलाइन शिकायत पर पहले विभाग की कमेटी जांच करेगी। यदि शिकायत का निपटारा नहीं होता है तो फिर इंस्टीट्यूशनल या कॉलेज की कमेटी जांच करेगी। हालांकि शिकायत व निपटारे की जानकारी विश्वविद्यालय के साथ यूजीसी को भेजनी अनिवार्य रहेगी। कमेटी के सदस्यों का कार्यकाल दो साल का रहेगा।
किस भी प्रकार की शिकायत होगी दर्ज
- प्रोस्पेक्ट्स में दाखिला प्रक्रिया, मेरिट, सीट या दाखिले से संबंधी कोई जानकारी न होने पर छात्र शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
- यदि संस्थान छात्र का सर्टिफिकेट या मार्क्सशीट, दाखिला फीस, सिक्योरिटी फीस देने से इंकार करता है या जांच के बाद रख लेता है, तो भी शिकायत हो सकेगी।
- प्रोस्पेक्टस में दर्ज फीस के अलावा किसी अन्य प्रकार से पैसे की मांग करने पर भी शिकायत हो सकेगी।
- स्कॉलरशिप के समय से भुगतान न होने, दाखिले में देरी, परीक्षा या रिजल्ट में देरी पर भी शिकायत दे सकेंगे।