कोविड-19 वायरस ने ब्रिटेन से भारत आने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। सबसे अधिक परेशानी कोविड जांच को लेकर हो रही है। वहीं, असंक्रमित रिपोर्ट आने पर भी एक सप्ताह के क्वारंटीन की वजह से घर नहीं पहुंच पाने की बेचैनी से लोग और परेशान हैं।
ब्रिटेन से आने वाले सभी यात्रियों को निर्धारित होटल में आइसोलेट किया जा रहा है। इस वजह से यात्रियों ने एयरपोर्ट पर हंगामा भी किया, लेकिन कोविड प्रोटोकॉल का हवाला देकर उन्हें समझा कर क्वारंटीन सेंटर भेजा जा रहा है।
ब्रिटेन और भारत के बीच शुरू हुई विमान सेवा के दूसरे दिन दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब 200 लोग ब्रिटेन से पहुंचे। एयर इंडिया की उड़ान से सुबह 9 बजे आए सभी यात्रियों की कोरोना जांच की गई। जांच की लंबी प्रक्रिया के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
छह से आठ घंटे तक कोरोना की जांच रिपोर्ट नहीं आने पर यात्री एयरपोर्ट प्रशासन से उलझ भी गए। हालांकि मौके पर तैनात अधिकारियों ने उन्हें समझाकर क्वारंटीन सेंटर भेज दिया। इनके लिए टर्मिनल थ्री पर अलग से पैसेज बनाया गया है ताकि आम यात्रियों के संपर्क में आए बिना उन्हें क्वारंटीन सेंटर भेजा जा सके। शुक्रवार को 256 यात्री एयर इंडिया के विमान से पहुंचे थे।
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को यात्रियों ने ज्यादा हंगामा नहीं किया। विमान में ही उन्हें अवगत करा दिया गया था कि सरकार के प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें सात दिन क्वारंटीन किया जाएगा।
इसके बाद सात दिन तक होम क्वारंटीन होना होगा। सबसे अधिक उन यात्रियों को परेशान होना पड़ा जिनकी कनेक्टिंग फ्लाइट या ट्रेन की टिकट थी। शनिवार को ब्रिटेन से पहुंचे यात्रियों को एरोसिटी स्थित जेडब्ल्यू मेरियट व एलॉफ्ट होटल में क्वारंटीन करने के लिए भेज दिया गया।
लग्जरी होटल में क्वारंटीन सुविधा की वजह से यात्रियों की जेब भी ढीली हो रही है। दरअसल पिछले दिनों यह भी देखा गया कि दिल्ली सरकार की तरफ से सरकारी अस्पतालों में यात्रियों के इलाज व क्वारंटीन की सुविधा तो थी, लेकिन यात्री सरकारी अस्पताल की व्यवस्था के कारण वहां से दूरी बना रहे थे।