भाजपा ने बढ़ते प्रदूषण पर सरकार को घेरा
कहा, न पटाखे जल रहे और न ही पराली, फिर भी नहीं घट रहा प्रदूषण
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा ने तीसरे दिन भी प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक होने पर दिल्ली सरकार को आड़े हाथ लिया। पार्टी का कहना है कि दिल्ली सरकार की प्रदूषण को लेकर बेरुखी के कारण खराब हवा के चलते इमरजेंसी के हालात बन गए हैं। हवा इतनी जहरीली हो गई है कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सत्ता के नशे में दिल्ली की समस्याओं को भूल बैठे हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा है कि मुख्यमंत्री हालात की गंभीरता समझ नहीं पा रहे हैं। कई बार उनसे सर्वदलीय बैठक की बात कही गई, लेकिन वे सुन नहीं रहे हैं। इस समय ना तो पटाखे जल रहे हैं न किसान पराली जला रहे हैं। फिर भी दिल्ली का प्रदूषण स्तर लगातार बढ़ रहा है। दिल्ली सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कोई भी कदम नहीं उठा रही है। सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सड़कों की पीडब्ल्यूडी द्वारा मैकेनिकल सफाई, पानी का छिड़काव, वृक्षारोपण, निर्माण कार्य पर रोक, एयर प्यूरिफायर, लेकिन ये तमाम दावा विफल हो गए हैं।
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि ट्री-पलांटेशन ड्राईव, कई झीलों को फिरसे शुरु करने की मुहिम चलाने की बात व 3000 हजार नई बसें खरीदना की योजना हवा-हवाई साबित हुई है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भी पालन सरकार नहीं कर रही है। ऑड-ईवन योजना लागू करने की ड्रामेबाजी के अतिरिक्त कुछ नहीं किया गया। ग्रीन बजट लागू करने के दावे भी खोखले साबित हुए। इस समय तो पड़ोसी राज्यों में पराली भी नहीं जलाई जा रही, जिसके पीछे उनकी सरकार प्रदूषण पर अपनी नाकामी को छिपाती है।