कोरोना संक्रमण कम होने के साथ ही दिल्ली के ज्यादातर बड़े अस्पतालों में संक्रमित मरीज भी अब न के बराबर दिखाई दे रहे हैं। करीब 45 फीसदी अस्पतालों में एक भी संक्रमित मरीज नहीं है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोरोना वायरस का खतरा टल गया। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी की स्थिति में दिल्ली बेहतर स्थिति में है। इससे पहले जब दूसरी लहर आने के बाद सिंतबर माह में भी ऐसी स्थिति मिली थी लेकिन इसके बाद तीसरी लहर ने दिल्ली को परेशान कर दिया था।
आंकड़ों पर गौर करें तो दिल्ली के 57 अस्पतालों में फिलहाल एक भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं है। इनमें फोर्टिस एस्कॉट्र्स हार्ट इंस्टीट्यूट, मैक्स साकेत, गंगाराम सिटी अस्पताल, हमदर्द इंस्टीट्यूट जैसे निजी अस्पताल शामिल हैं। इन्हीं अस्पतालों के विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमित मरीज भले ही अभी नहीं हैं लेकिन आशंका लगातार बनी हुई है। कोरोना संक्रमण कभी भी असर दिखा सकता है।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो सरकारी व निजी 126 अस्पतालों में कोरोना के इलाज के लिए 9,054 बेड आरक्षित हैं, जिसमें से 8,270 बेड (91.34 फीसद) खाली हैं। दिल्ली कोरोना एप के अनुसार इन अस्पतालों में सोमवार दोपहर तक सिर्फ 784 मरीज भर्ती हैं।
फोर्टिस के पल्मोनरी विभाग निदेशक डॉ. अवी कुमार ने कहा कि कोविड महामारी के चलते अस्पतालों ने एक लंबी लड़ाई का सामना किया है। दिल्ली में तीन तीन बार लहर देखने के बाद अब स्थिति सुकून भरी है लेकिन भविष्य के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है।