ट्रांजेक्शन एडवाइजर हर अस्पताल का अलग-अलग अध्ययन कर सौंपेंगे विस्तृत रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के 11 सरकारी अस्पतालों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर संचालन की योजना है। दिल्ली की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
इसके लिए अस्पतालों की फिजिबिलिटी का अध्ययन होगा। इस संबंध में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने निविदा भी जारी की है। इसके तहत 11 अस्पतालों को प्राथमिकता के आधार पर उचित समयसीमा के भीतर चालू करने की योजना बनाई है ताकि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसके लिए ऐसे ठेकेदारों को नियुक्त किया जाएगा जो चल रहे निर्माण कार्य को अपने हाथ में लेकर उसे पूरा कर सके और साथ ही पीपीपी मॉडल व्यवस्था के तहत अस्पताल के संचालन और उसे चालू करने के लिए आवश्यक संसाधन जुटा सके। इस परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत अध्ययन करने के लिए आवश्यक विशेषज्ञता वाले सलाहकारों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है जो फिजिबिलिटी विश्लेषण करेंगे।
वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग में सूचीबद्ध ट्रांजेक्शन एडवाइजर (सलाहकार) मांगे गए हैं। ट्रांजेक्शन एडवाइजर परियोजना की शुरुआत इनसेप्शन रिपोर्ट तैयार करेंगे जो कार्यक्षेत्र से संबंधित सभी गतिविधियों के लिए मुख्य दस्तावेज का काम करेगी। एक एकीकृत योजना तैयार करके मसौदा तैयार किया जाएगा, जिसमें किए जाने वाले कार्यों और गतिविधियों का विस्तृत विवरण होगा। परामर्श अवधि के दौरान चरण/गतिविधि के अनुसार संसाधनों के आवंटन के साथ एक एकीकृत संसाधन तैनाती योजना भी तैयार की जाएगी।साथ ही तकनीकी प्रशिक्षक भारत और विदेश में अस्पताल पीपीपी परियोजनाओं पर केस स्टडी प्रस्तुत करेंगे। वहीं किराड़ी में प्रस्तावित आईसीयू अस्पताल जो अभी योजना के चरण में है, उसमें निर्माण शुरू करने और बाद में उसे संचालित करने से जुड़े पहलुओं का भी अध्ययन किया जाएगा।
यह अस्पताल परियोजना में हैं शामिल
-691 बेड का ज्वालापुरी अस्पताल
-691 बेड का मादीपुर अस्पताल
-691 बेड का हस्तसाल अस्पताल
-1164 बेड का सिरसपुर अस्पताल
-1430 बेड का शालीमार बाग में अस्पताल
-525 बेड का सुल्तानपुरी में अस्पताल
-610 बेड का गीता कॉलोनी में सीएनबीसी अस्पताल
-1912 बेड का गुरु तेग बहादुर अस्पताल
-336 बेड का सरिता विहार में अस्पताल
-1565 बेड का रघुवीर नगर में अस्पताल
-458 बेड का किराड़ी में अस्पताल