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जेएनयू में 11 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव, छात्रों को घर जाने की सलाह

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नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में शुक्रवार को 11 लोग कोरोना संक्रमित मिले। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए छात्रों को घर जाने की सलाह दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि हॉस्टल मैस, लाइब्रेरी, ढाबा आदि कोरोना वायरस प्रसार के मुख्य कारण हो सकते हैं। इसलिए छात्र अपने घरों को सुरक्षित लौट जाएं। कैंपस में पिछले एक साल में 322 मरीज मिले थे और पांच की कोरोना के चलते मौत हो चुकी है।
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जेएनयू रजिस्ट्रार प्रो. अनिबार्न चक्रवर्ती की ओर से सभी हॉस्टल वार्डन, सभी स्कूल व सेंटर के प्रमुख, लाइब्रेरी प्रमुख, सिक्योरिटी आदि को इस संबंध में सूचना भेजी गई है। इसमें लिखा है कि दिल्ली समेत देशभर में कोरोना मरीजों की संख्या में हर दिन बढ़ोतरी हो रही है। इसलिए पीएचडी, एमफिल, एमबीए समेत अन्य प्रोग्राम के जो छात्र इन दिनों हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। वे अपने घरों को लौट जाएं।
विश्वविद्यालय ने कहा है कि छात्रों और परिसर के निवासियों की भलाई और सुरक्षा के मद्देनजर छात्र हॉस्टल खाली कर अपने मूल स्थानों को चले जाएं। इससे कोविड-19 के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।
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31 दिसंबर तक जमा करवा सकेंगे थीसिस
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय ने एमफिल, एमटेक और पीएचडी के छात्रों द्वारा थीसिस जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। शोधकर्ताओं को थीसिस जमा करने की तिथि 30 जून 2021 को समाप्त हो रही थी। हालांकि जेएनयू प्रशासन ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( यूजीसी ) ने थीसिस जमा करने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय देने का फैसला लिया है। इसी के आधार पर अब जेएनयू ने संशोधित गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत एमफिल, एमटेक और पीएचडी के छात्र अब 31 दिसंबर तक अंतिम शोधपत्र जमा कर सकेंगे।
जल्द शुरू होंगे एडमिशन: कुलपति
कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने कहा है विश्वविद्यालय वर्तमान सेमेस्टर को ऑनलाइन तरीके से जारी रखेगा और प्रवेश प्रक्रिया अप्रैल के आखिर तक शुरू हो सकती है। उन्होंने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के आलोक में परिसर की वर्तमान दशा के बारे में विद्यार्थियों को फेसबुक लाइव के माध्यम से संबोधित किया। उनके साथ विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी भी थे।
कुलपति ने कहा, ‘‘विश्वविद्यालय ने यह सुनिश्चित करने का हर प्रयास किया कि अध्यापन-शिक्षण प्रक्रिया जारी रहे। हमें यह बताते हुए खुशी है कि अब हमारे सभी पाठ्यक्रम डिजिटल मंच से चल रहे हैं। पूरा सेमेस्टर ऑनलाइन तरीके से ही चलेगा। हम स्थिति की समीक्षा करेंगे और देखेंगे कि क्या ऑफलाइन तरीके से अगला अकादमिक सत्र चलाना संभव होगा।
वहीं, प्रवेश निदेशक जयंत त्रिपाठी ने कहा कि विभाग ने विवरणिका (प्रोस्पेक्टस) को पहले ही अंतिम रूप दे दिया है। विभिन्न विद्यालयों एवं केंद्रों की सीट जरूरतों को भी तय कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रवेश के लिए विज्ञापन इस माह के आखिर तक जारी किया जा सकता है। प्रवेश परीक्षा जुलाई के प्रथम सप्ताह में होगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर लेने की योजना है।
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