नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से शनिवार को आयोजित 10वीं बोर्ड का अंग्रेजी का पेपर बच्चों को परेशान करने वाला रहा। पेपर देने के दौैरान बच्चे तब उलझ गए जब दो जगहों पर जवाब देने के लिए विकल्प दिया गया था, लेकिन सवाल नहीं था।
वहीं, व्याकरण के सवालों को भी घुमाकर पूछा गया था। हालांकि, सीबीएसई ने सवालों को ठीक बताते हुए कहा कि व्याख्या को पूरा करने के लिए विकल्पों को दिया गया था।
सीबीएसई की ओर से शनिवार को अंग्रेजी के अंतिम पेपर के साथ 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं समाप्त हो गईं। मयूर विहार स्थित विद्या बाल भवन में अंग्रेजी की शिक्षिका दीक्षा ने बताया कि पेपर में दूसरे गद्यांश में प्रश्न नंबर 13 व 14 में सवाल नहीं थे जबकि विकल्प दिए गए थे। इन्हें देखकर बच्चे हैरान हो गए थे। बच्चों को यह नहीं पता था कि सवाल क्या पूछा है?
वहीं, प्रश्न नंबर 29 में व्याकरण के सवाल को घुमाकर पूछा गया था। इस वजह से बच्चों को पेपर थोड़ा मुश्किल लगा।
दूसरी ओर, सीबीएसई की ओर से शाम को स्पष्टीकरण दिया गया कि गद्यांश पढ़कर सवालों के जवाब देने व विकल्पों में से उपयुक्त विकल्प को चुनकर कथन पूरा करने के लिए कहा गया था। इसमें दिए गए विकल्प ग और घ दोनों का अर्थ एक ही था। हालांकि, ख विकल्प सही जवाब था। प्रश्नों का उत्तर अलग-अलग नहीं बल्कि दिए गए निर्देशों के अनुसार दिया जाना था।
नई दिल्ली इलाके में परीक्षा देकर लौटे छात्रों ने बताया कि पेपर का स्तर मुश्किल रहा था। जिन छात्रों ने अच्छी तैयारी की थी, उन्हें भी पेपर हल करने में परेशानी हुई। कुछ सवालों को घुमाकर पूछा गया था। जिन सवालों का जवाब आता था, उन्हें भी हल करने में परेशानी हुई।
छात्र नवीन ने बताया कि उन्होंने सैंपल पेपर से भी तैयारी की थी, लेकिन इसके बाद भी अधिक फायदा नहीं हुआ। कुछ सवालों का स्तर मुश्किल था। वहीं, एक अन्य छात्र विपुल सिंह ने कहा कि साहित्य खंड से भी मुश्किल सवाल आए थे। साथ ही खंड ग में भी आसान सवाल नहीं थे।