छोटे शहरों-कस्बों में अस्पताल खोलने के लिए गाइडलाइन तैयार
आयुष्मान भारत के लिए निजी अस्पतालों को सरकार का ऑफर
- छोटे शहरों में जमीन दिलाने में मदद करेगी सरकार, बिजली बिल इत्यादि में भी करेगी मदद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नीति आयोग की सिफारिश के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयुष्मान भारत के लिए एक गाइडलाइन तैयार कर ली है। इसके मुताबिक टायर 2 और 3 क्षेत्रों में अस्पताल खोलने वालों को सरकार कई तरह की सुविधाएं देगी। इसके तहत जहां अस्पतालों को भूमि दिलाने में सरकार मदद करेगी। वहीं उन्हें विभिन्न विभागों से मिलने वाली एनओसी इत्यादि सरकारी कार्य भी तत्काल कराए जाएंगे। सभी राज्यों को इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं। दावा किया जा रहा है कि इस कदम के बाद छोटे शहरों और कस्बों में अस्पतालों की संख्या बढ़ेगी। मंगलवार को मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी भी कर दी है। मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो आयुष्मान भारत लागू होने के बाद देश भर में नए अस्पताल और बिस्तरों की संख्या में कमी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। दिल्ली या मुंबई जैसी चिकित्सीय सेवाएं जिला स्तर पर पहुंचाने के लिए सरकार अब निजी अस्पतालों को बढ़ावा देने में लगी है। अस्पताल खोलने के लिए बिजली, पानी, जमीन और अन्य तरह की स्वीकृतियों में मदद के लिए ये गाइडलाइन तैयार की है।
23 सिंतबर को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) लागू होने के बाद अब तक सात लाख से ज्यादा मरीजों को इसका लाभ मिला है। अभी तक 29 राज्यों में ये योजना प्रभावी रूप से लागू है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी तक देश में करीब साढ़े छह लाख बिस्तरों की व्यवस्था है, जोकि फिलहाल आयुष्मान भारत के लिए बेहद कम हैं। इसे बढ़ाकर करीब 13 लाख करने का विचार है। इसलिए सरकार ने गाइडलाइन में तीन मॉडल दिए हैं।
बॉक्स : ये हैं सरकार के तीन मॉडल
गाइडलाइन में सरकार ने उन डॉक्टरों को शामिल किया है जोकि 30 से 50 बिस्तरों वाले अस्पताल या क्लीनिक के मालिक हैं। इनके अलावा डॉक्टर की अस्पताल प्रबंधन में सहभागिता और मल्टीस्पेशलिटी कॉरपोरेट अस्पताल शामिल हैं। इन तीनों के लिए सरकार ने जमीन से लेकर बैंक तक की सुविधाएं देने का वादा किया है।
बॉक्स : अस्पताल खोलने में लगता है वक्त
प्राइवेट हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन के महानिदेशक डॉ. गिरधर ज्ञानी ने बताया कि एक अस्पताल खोलने के लिए कई तरह की मंजूरी लेनी होती है, जिसमें डेढ़ से दो साल लग जाते हैं। जबकि देश में अस्पतालों की संख्या बढ़ाना बेहद जरूरी है। कई वर्षों से इस तरह की मांग चली आ रही है, लेकिन सरकार अब संज्ञान ले रही है।
बॉक्स : तीन साल में 1500 अस्पताल खोलना जरूरी
डॉ. ज्ञानी ने बताया कि सरकार को तीन साल में करीब 1500 अस्पताल खोलने का लक्ष्य रखना होगा। तभी वे आगामी 10 वर्षों में अपना लक्ष्य पूरा कर सकेंगे। वहीं मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि पीएमओ और नीति आयोग से चर्चा के बाद 2028 तक देश के अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या कम से कम 13 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य तय हुआ है।