कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस को लेकर सीरो सर्वे पूरा हो चुका है। दिल्ली में करीब 10 से 15 फीसदी आबादी ऐसी है, जिन्हें कोरोना संक्रमण होने के बाद वे खुद ही ठीक हो गए। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि दिल्ली में करीब 22,800 लोगों के रक्त के नमूने लेकर एंटीबॉडी की जांच की गई है। 15 लैब में सर्वे के परिणाम एकत्रित करने के बाद लिंग, उम्र और जिलावार रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
प्रारंभिक आंकड़ों को स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर के साथ साझा किया गया है। चूंकि सर्वे परिणाम पर अभी विशेषज्ञों के बीच समीक्षा की जा रही है, इसलिए जल्द ही इसके परिणाम सार्वजनिक किए जाएंगे। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि तीन से चार हजार लोगों में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी मिली हैं। हालांकि ये लोग कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद खुद ही ठीक हो गए हैं। इन्हें कोरोना संक्रमण कैसे हुआ, इसका पता नहीं चला है।
दरअसल, पिछले महीने कोरोना वायरस के लगातार सामने आ रहे मरीज और दिल्ली में रोज आठ से नौ हजार नमूनों की जांच को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और दिल्ली सरकार के बीच लगातार मैराथन बैठकों के बाद जांच का दायरा रोज 20 हजार से ज्यादा नमूनों की जांच पर ले जाया गया।
साथ ही नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) को दिल्ली में करीब 20 हजार लोगों पर सीरो सर्वे शुरू करने का काम सौंपा गया। 26 जून से पांच जुलाई के बीच दिल्ली में अलग-अलग इलाकों में 22,800 लोगों के नमूने लेकर जांच की गई और उसके बाद यह सर्वे रिपोर्ट तैयार की गई है।
एनसीडीसी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसी सप्ताह के अंत तक सीरो सर्वे के परिणाम सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अप्रैल में राष्ट्रीय स्तर पर सीरो सर्वे किया गया था जिसमें एक फीसदी आबादी से भी कम लोगों में एंटीबॉडी का पता लगा था। इसके बाद पहली बार राज्य स्तर पर दिल्ली में यह सर्वे किया गया है।
स्वदेशी जांच किट्स के जरिये एंटीबॉडी का पता लगाया गया है। उनका यह भी कहना है कि आगामी दिनों में फिर से इस तरह का सर्वे करने के लिए दिल्ली सरकार को सलाह भी दी गई है, ताकि कोरोना वायरस के फैलाव पर समय समय पर जानकारी मिल सके।