अगर जेई या अन्य अधिकारी अवैध निर्माण की जानकारी छिपाते हैं तो उनके ऊपर भी रिपोर्ट दर्ज होगी। सभी जिलों को सर्वे कर तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। आगे से व्यवस्था की गई है कि अगर किसी बिल्डिंग को ध्वस्त करने का नोटिस जारी किया जाता है तो वो सिर्फ बिल्डर को ही नहीं भेजा जाएगा। बल्कि उसे बिल्डिंग में रहने वाले सभी लोगों को भेजना अनिवार्य होगा, जिससे की वहां रहने वाले लोगों को पता चल सके कि उनका फ्लैट अवैध है।
साथ ही अगर किसी बिल्डिंग में निर्माण कार्य चलता है तो उसमें किसी भी व्यक्ति व परिवार को स्थायी तौर पर रहने की इजाजत नहीं होगी। अगर कहीं पर कोई व्यक्ति स्थायी रहता हुआ मिलता है तो उसमें भी बिल्डर पर कार्रवाई की जाएगी।
सभी अथॉरिटी को आदेश दिया गया है कि सर्वे कर अवैध निर्माण को प्राथमिकता पर ध्वस्त किया जाए। ऐसे सभी प्रकरण जो अवैध निर्माण के हैं और कोर्ट में विचाराधीन हैं, उनकी पैरवी की जाए। कमिश्नर ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि बिल्डर कोर्ट से स्टे लेकर बैठ जाता है और फिर वर्षों तक मामले बिना पैरवी के चलते रहा है। ऐसे सभी प्रकरणों को लेकर सभी अथॉरिटी को हर महीने अपनी रिपोर्ट देनी होगी।