चंडीगढ़। पंचायत चुनाव में पंचों और सरपंचों के परिणाम घोषित होने के बाद सत्तारूढ़ भाजपा सफलता के जो दावे कर रही थी, उसे जिला परिषद चुनाव के नतीजों ने साबित कर दिया है।
सिरसा जिले को छोड़कर प्रदेश केअन्य सभी जिलों में अधिकांश सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी और सक्रिय कार्यकर्ता चुनाव जीतने में सफल रहें हैं।
हैरानी की बात रही कि भाजपा रोहतक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ में सेंध लगाने में कामयाब रही और एक भी उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर सका। हालांकि सिरसा में इनेलो अपना गढ़ बचाने में कामयाब रही।
इस चुनाव में किसी भी दल ने सीधे हिस्सा नहीं लिया था लेकिन भाजपा समेत सभी दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार में अहम भूमिका निभाई थी।
इन चुनावों में जीत का सीधा मतलब जिला परिषदों के चेयरमैन पद पर काबिज होना है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों ने पर्दे के पीछे पूरी ताकत झोंक रखी थी। जिला परिषद चुनाव में भाजपा को दो बड़े झटके महेंद्रगढ़ और भिवानी में लगे हैं।
महेंद्रगढ़ में भाजपा जिला अध्यक्ष चुनाव हार गए जबकि भिवानी में भाजपा नेता ओम प्रकाश मान व उनके भाई को हार का सामना करना पड़ा। फिर भी प्रदेश के बाकी हिस्सों में मिली जीत ने डेढ़ साल पुरानी खट्टर सरकार केहौसले बुलंद कर दिए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ रोहतक जिला परिषद में अब भाजपा का चेयरमैन बनना तय है। जिले की 14 में से 11 सीटें भाजपा ने जीती हैं।
सिरसा में इनेलो नेता अभय चौटाला की पत्नी कांता चौटाला तो चुनाव हार गईं, लेकिन उनकी हार में चौटाला परिवार का ही हाथ अधिक रहा। कांता चौटाला को उनके ही परिवार केसदस्य आदित्य चौटाला ने करीब 7000 मतों के अंतर से पराजित किया।
हुड्डा के गांव में भाजपा का परचम
जिला परिषद् के जिस वार्ड में कांग्रेस के बड़े दिग्गजों के गांव हैं, वहां भाजपा का परचम लहराया है। वार्ड में पूर्व सीएम, पूर्व मंत्री और विधायक सभी के गांव पड़ते हैं, इसके बाद भी भाजपा की प्रत्याशी ने तीन हजार से भी ज्यादा वोटों से भगवा झंडा फहराया है।
जिला परिषद के वार्ड-4 में सांघी, खिड़वाली, कटवाड़ा, जिंदरान, घुसकानी, चमारिया, ब्राह्मणवास, सिसरौली, सुंदरपुर और टिटौली गांव पड़ते हैं।
झटकाः अभय चौटाला की पत्नी कांता हारीं लेकिन बेटे करण को मिली जीत
कभी सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाले पूर्व मंत्री छतरपाल सिंह को जिला परिषद चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। पूर्व उपप्रधानमंत्री स्वर्गीय देवीलाल को हराने के बाद छतरपाल सिंह बड़े नेता के तौर पर उभरे थे।
विधानसभा चुनाव में लगातार दो बार हार के बाद पूर्व मंत्री छत्तरपाल सिंह ने अपनी पत्नी गुरजिंदर को चुनाव मैदान में उतारा था जो हार गईं।
परिणाम घोषित---414
पुरुष जीते----234
8वीं पास----महिलाएं जीतीं---180
ग्रेजुएट---10वीं पास----12वीं पास
21 साल में बनीं जिला पार्षद, 17 दिन बाद बजेगी शादी की शहनाई
आज जिला परिषद में बड़ी जीत का ढोल बजा। परिवार वालों ने भांगड़ा भी पाया तो महिलाओं ने गिद्दा। हो भी क्यों नहीं जीत इतनी बड़ी जो मिली है।
बात हो रही है इंद्रजीत सिंह की बेटी कुलजीत कौर की। एक तरफ कुलजीत कौर सबसे कम उम्र की सदस्य बनी है, वहीं जिले में सबसे ज्यादा रिकार्ड मतों से जीतने का रिकार्ड भी कुलजीत के नाम से है।
कुलजीत कौर ने अपनी प्रतिद्वंति को एक तरफा 7278 से पराजित किया है। इसके इतर, इसी घर में आगामी 14 फरवरी को शादी की शहनाई भी बजेगी। दरअसल कुलजीत कौर की शादी पहले से ही तय है।
रोहतक। ब्लॉक समिति के चुनाव में भी महिलाओं की बढ़त बरकरार है। ब्लॉक समिति में 1174 महिलाओं के सिर ताज सजा है। ब्लॉक समिति के 3002 वार्डों में 2798 के आंकड़े आने के बाद जहां 1624 पुरुष सदस्य चुने गए।
वहीं 1173 महिलाओं को ब्लॉक समिति वार्डों का मुखिया चुना गया है। ब्लाक समिति सदस्य बनने वालों में 740 एससी शामिल हैं तो 734 बीसी वर्ग से ताल्लुक रखते है।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की छात्रा करेगी चौधर
जिले में कुल 18 वार्डों में से 8 महिलाएं तो 10 पुरुष चुनकर आए हैं। मात्र तीन जिला परिषद सदस्य ऐसे हैं जो ग्रेजुएशन या उससे ज्यादा पढ़े लिखे हैं।
इनमें वार्ड-5 की जिला परिषद सदस्य युक्ति गोदारा ऐसी महिला हैं जो अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से एलएलएम कर रही हैं। युक्ति पूर्व राजनीतिक दिग्गज रहे स्वर्गीय मनीराम गोदारा की पौत्रवधू हैं।