लैटिन अमेरिका के कई देशों को अपनी चपेट में ले चुका जीका वायरस को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा वैश्विक खतरा घोषित करने के बाद साइबर सिटी में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने शहर के निजी अस्पतालों को इससे निपटने के लिए खास हिदायत दी है। जीका वायरस या इससे संबंधित लक्षण दिखने पर मरीज की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को देना होगा।
वहीं, आईएमए ने भी अपने डॉक्टरों को इस बाबत दिशा निर्देश भेजने के साथ लोगों से संक्रमित देशों की यात्रा नहीं करने की अपील की है। बता दें कि अभी तक इस तरह का कोई मामला शहर में सामने नहीं आया है।
दरअसल, शहर के बड़े अस्पतालों में अफ्रीकी और खाड़ी देशों से मरीजों के आने-जाने का सिलसिला लगा रहता है। साइबर सिटी के कई लोग बिजनेस और घूमने के लिए भी अफ्रीकी देशों का दौरा करते हैं।
इस लिहाज से स्वास्थ्य विभाग हरियाणा स्वास्थ्य निदेशालय गुड़गांव को संवदेनशील मान रहा है। सिविल सर्जन डॉ. रमेश धनखड़ ने बताया कि डब्ल्यूएचओ द्वारा अलर्ट जारी करने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रदेशों को अलर्ट किया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसके लिए एयरपोर्ट पर इंतजाम किया गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक जीका वायरस एडीज मच्छर से फैलता है और यहां इन मच्छरों की भरमार है। जिनसे मलेरिया होता है।
इस वायरस से माइक्रोसेफेली नाम की बीमारी होती है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि मच्छरों की वजह से कम्यूनिकेबल डिजिज फैलने की अधिक संभावना है।
आईएमए ने जारी किया निर्देश
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भारतीयों को जीका प्रभावित देश न जाने की सलाह दी है। यह वायरस गर्भ में पल रहे बच्चे को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को खासतौर पर सतर्कता बरतने को कहा गया है।
जो महिलाएं ऐसे देश गई हैं, उन्हें दो सप्ताह के भीतर वायरस की जांच कराने की अपील की गई है। आईएमए के प्रवक्ता ने बताया कि जिन मरीजों में बुखार, रैशेज, मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण है, इसकी जांच के साथ स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने के लिए आईएमए के डॉक्टरों से कहा गया है।