दक्षिण-पूर्व के लाजपत नगर युवराज हत्याकांड में इस्तेमाल देसी कट्टा बरामद किया है। लाजपत नगर थाना पुलिस को गुरुग्राम के सेक्टर 70 ए से कट्टा मिला है। पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपी युवती आन्या वत्स ने देशी कट्टा करीब तीन महीने पहले खरीदा था।
पुलिस उससे ये पूछताछ करने में लगी हुई है कि युवती ने ये हथियार कहां से और कितने पैसे में खरीदा था। दक्षिण-पूर्व जिले के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी युवती के खिलाफ जालसाजी के मामले नई दिल्ली जिले के संसद मार्ग थाना, ग्रेटर नोएडा और शाहदरा में दर्ज हैं। हालांकि शाहदरा में मामला दहेज का दर्ज हुआ था, मगर उसमें चार्जशीट जालसाजी में दर्ज हुई थी।
जिला अधिकारियों के अनुसार संसद मार्ग थाने में जो मामल दर्ज मामले के अनुसार युवती कुछ साल पहले एक व्यवसायी से मिली थी। उसे बताया कि उसकी प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) में अच्छी जान-पहचान है। आरोपी युवती ने पीडि़त को भरोसा दिला दिया कि उसकी ईडी में अच्छी जान-पहचान है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कुछ समय बाद आरोपियों ने पीड़ित को ईडी का फर्जी नोटिस भिजवा दिया। ईडी का नोटिस मिलते ही पीड़ित को आरोपी आन्या की याद आई। आन्या ने मामले को रफा-दफा करवाने के लिए पीड़ित से 1.25 करोड़ ठग लिए।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि युवती अब जेल नहीं जाना चाहती थी। वह पैसे वापस लौटाना चाहती है। ऐसे में उसे पैसे की जरूरत थी। इसके लिए आरोपियों ने युवराज सिंह मनचंदा को निशाना बनाया।
सोसाइटी से शव को फेंकने गए थे
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार युवराज की हत्या कर आरोपियों ने युवराज के शव को आन्या की कार में रखा और गुरुग्राम में उस समय पार्क कर दिया जहां संयम रहता था। आरोपी सोसाइटी से कार को लेकर शव को तालाब फेंकने कई बार गए थे, मगर उन्हें मौका नहीं मिला था। पुलिस आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है।
सीवर में मृत मिले युवराज मनचंदा हत्याकांड का जांच अधिकारी निलंबित
गुरुग्राम के बादशाहपुर थाना इलाके में 11 सितंबर को सीवर में मिले युवराज मनचंदा हत्याकांड मामले में जांच अधिकारी बादशाहपुर थाना के एएसआई साहून खान को शनिवार को निलंबित कर दिया गया। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एक अन्य मामले में एएसआई को निलंबित किया गया है। वहीं, आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इसी मामले में लापरवाही को लेकर ये कार्रवाई की गई है।
बादशाहपुर थाना पुलिस ने 11 सितंबर को मिले युवक के सले-गड़े शव को 3 दिन तक पहचान के लिए रखवाया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पहचान न होने पर 14 सितंबर को पोस्टमार्टम के बाद शव का पुलिस ने अंतिम संस्कार करा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शुरुआती तौर पर डूबने से मौत की बात सामने आई है।
बाद में बुधवार 16 सितंबर को जिपनेट पर अपलोड किए गए फोटो व शव के पास मिले सामान के आधार पर परिवार ने पहचान की है। मृतक दिल्ली के सरिता विहार निवासी 31 वर्षीय युवराज सिंह मनचंदा था। वह छह सितंबर से लापता था। उसके परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। दिल्ली पुलिस ने बाद में हत्याकांड का खुलासा किया और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
युवराज सेक्टर-29 स्थित अडानी रियल्टी में मैनेजर था। वह छह सितंबर की शाम दिल्ली से गुरुग्राम में कुछ लोगों से मिलने आया था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। युवराज की बहन हरसिमरन मनचंदा ने 11 सितंबर को दिल्ली के लाजपत नगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
बुधवार को परिवार को दिल्ली पुलिस के माध्यम से अज्ञात शव मिलने की जानकारी मिली। बादशाहपुर थाना पुलिस ने शव के फोटो जिपनेट पोर्टल पर अपलोड किए थे। परिवार ने फोटो और शव के पास मिले सामान के आधार पर युवराज की पहचान की।
यह था पूरा मामला
दक्षिण दिल्ली के लाजपत नगर में मैनेजर युवराज सिंह मनचंदा की हत्या कर शव को गुरुग्राम में फेंकने का सनसनीखेज मामला सामने आया। दिल्ली पुलिस ने हत्या करने के आरोप में 31 वर्षीय युवराज सिंह मनचंदा की दोस्त रही और पहले साथ काम चुकी युवती आन्या वत्स और उसके दोस्त संयम सचदेवा को उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में युवराज की हत्या का कारण पैसे का लेने-देन बताया जा रहा है। हालांकि युवती बार-बार अपने बयान बदल रही है। पुलिस ने दोनों को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने बताया कि युवराज के गायब होने की शिकायत सरिता विहार, दिल्ली में रहने वाली उसकी बहन हरसिमरन मनचंदा 11 सितंबर को लाजपत नगर थाने में दर्ज कराई थी। पीड़ित बहन ने कहा था कि छह सितंबर को अपने भाई के साथ सेंट्रल मार्केट, लाजपत नगर व गोल्डन ड्रैगन रेस्टोरेंट, के-ब्लॉक, लाजपत नगर-दो गई थी।
शाम लगभग 4:00 बजे, युवराज यह कहकर रेस्टोरेंट से चले गए कि उनकी गुरुग्राम में पूर्व ऑफिस सहयोगी अन्या वत्स के साथ एक मीटिंग है। रात 10 बजे तक तक युवराज नहीं लौटे। उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला। लाजपत नगर थाना पुलिस को जांच में पता लगा कि युवराज ने आखिरी बार अपनी पूर्व ऑफिस सहयोगी अन्या वत्स से बात की थी।
जांच में अन्या वत्स के एक नए मोबाइल नंबर का पता चला। जांच के बाद से उसके साथी संयम सचदेवा के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी युवती ने बताया कि उसने युवराज की हत्या अपनी क्रेटा कार में दो गोली गर्दन में मारकर की है।
आरोपियों ने बताया कि युवराज के शव को गुरुग्राम में फेंक दिया था। इसके बाद पुलिस को पता लगा कि 11 सितंबर को गुरुग्राम के बादशाहपुर पुलिस स्टेशन ने अपने इलाके में एक नाले से एक अज्ञात लाश बरामद की थी। मृतक की तस्वीरों से बहन ने युवराज के रूप में पहचान की थी। तस्वीरों में दिख रहे कपड़ों और शारीरिक हुलिए से भी इस पहचान की पुष्टि हुई।