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नौकरी के नाम परः 500 से ज्यादा लोगों से एक करोड़ ठगने वाले युवक-युवती गिरफ्तार

Fri, 26 Jun 2020 05:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • बेरोजगारों को नौकरी देने के नाम पर करते थे ठगी 
  • फर्जी मेल भेजकर पीड़ितों को बनाते थे निशाना
  • बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी लगवाने का देते थे झांसा 
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आरोपी राहुल... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की साइबर सेल ने बेरोजगारों युवक-युवतियों को नौकरी देने के नाम पर ठगी करने वाले युवक व युवती को गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब 500 से ज्यादा बेरोजगार युवकों से एक करोड़ रुपये से ज्यादा ठग चुके हैं। 

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ये बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी लगवाने का झांसा देते थे और पीड़ितों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के फर्जी मेल भेजते थे। वर्ष 2017 में मामला दर्ज होने के बाद ही ही आरोपी फरार थे। साइबर सेल ने मामला दर्ज होने के बाद आरोपियों को अब गिरफ्तार किया है।

साइबर सेल डीसीपी अन्येश रॉय के अनुसार हैवेल्स इंडिया लि. की ओर से शिकायत दी गई थी कि अज्ञात लोग उनकी कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवकों के साथ ठगी कर रहे हैं। पीड़ित के पास उनकी कंपनी का फर्जी मेल भेजे गए हैं। इसके बाद साबइर सेल को देशभर से इस तरह की शिकायतें मिलने लगीं। 
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एसीपी आदित्य गौतम की देखरेख में इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार, सिपाही श्रीनारायण और हवलदार नीरज की टीम मामले की जांच कर रही थी। इसके बाद ठगी की और शिकायत मिली तो दूसरी एफआईआर दर्ज की गई। 

आखिरकार कई महीने की जांच के बाद इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने गाजियाबाद, यूपी निवासी राहुल कुमार(34) और उसके कॉल सेंटर में काम करने वाले अत्ररोली, अलीगढ़, यूपी निवासी युवती(23) को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया। राहुल मूलरूप से कामली रोड, देहरादून का रहने वाला है।

ऐसे करते थे ठगी...
राहुल ने कॉल सेंटर में काम करते हुए जाना कि कैसे कॉल सेंटर को चलाते हैं। इस दौरान इसने जाना कि कैसे एप के जरिए फर्जी मेल भेजते हैं। ये नौकरीडॉटकाम आदि से डाटा लेकर पीड़ितों को एप के जरिए स्पूफ फर्जी मेल भेजता था और उनसे कहता था कि नौकरी के लिए उनका चयन कर लिया गया है।  इसके बाद ये बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मेल का फर्जी मेल भेजता था। 

इससे पीड़ित को लगता था कि फलां कंपनी में उसका चयन हुआ है। इसके बाद ये पीड़ित से रजिस्टर करने, ट्रेनिंग देने व लैपटॉप देने के नाम पर मोटी रकम ऐंठ लेते थे। ये पीड़ित से किसी न किसी बहाने से जब तक पैसा ऐंठते रहते थे जब तक पीड़ित इनको देता रहता था। ये देशभर में दूर दराज इलाकों के पीड़ितों को अपना निशाना बनाते थे।  युवती का कहना है कि राहुल ने जब कॉल सेंटर खोला था तो उसे नौकरी के लिए बुलाया था। पूरे ऑफिस को वहीं संभालती थी। 

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