न्यू उस्मानपुर इलाके में 17 वर्षीय किशोर फरमान की चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी गई। उसके शरीर पर चाकू के 15 से 20 जख्म थे।
किशोर का शव रविवार को पुलिस को मिला था। सोमवार को पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके घर पहुंचकर जानकारी दी। किशोर पर तीन मामले दर्ज थे।
पुलिस के अनुसार, मूलत: शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला फरमान अपने पिता आरिफ, मां बेबी व अन्य परिजनों के साथ उस्मानपुर की गंगोत्री स्कूल वाली गली में रहता था। फिलहाल वह पिता के साथ एक सिलाई के कारखाने में काम करता था।
परिजनों के मुताबिक, गत बृहस्पतिवार को वह उस्मानपुर में रहने वाली बुआ के घर रहने गया था। इसके बाद वह नहीं लौटा। एक मामले में उसकी सोमवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेशी थी। उसके पिता ने वहां पहुंचकर उसके लापता होने की जानकारी दी थी।
जांच में पता चला कि फरमान पर दर्ज एक मामले में जज ने उसे जगप्रवेशचंद्र अस्पताल में 50 दिन तक मरीजों की सेवा करने की सजा सुनाई थी। फरमान ने इस सजा को पूरी इमानदारी से पूरा किया था।
वह त्योहार के दिन भी अस्पताल गया था और मरीजों की सेवा की थी। इस बात से खुश होकर जज ने फरमान को सम्मानित भी किया था।