रात में चाचा घर नहीं आए तो परिजन को लगा वह वाहन धुलाई वाले अपने प्लांट पर ही रुक गए होंगे। अगले दिन जब दादा ओम प्रकाश प्लांट पहुंचे तो चाचा वहां भी नहीं मिले। उनका फोन भी बंद आ रहा था। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे क्रिकेट खेल रहे बच्चों के साथ एक गार्ड ने मैदान के पास एक खंडहर वाली जगह पर गड्ढे में मनीष का शव पड़ा होने की जानकारी दी। परिजन के साथ मौके पर पहुंचने के साथ स्थानीय पुलिस को सूचना दी। घटना स्थल पर जमीन पर पड़े मिले मृतक के सिर, गले और अन्य जगह चोट के निशान मिले। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई की बात कही।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि कुछ युवक मैदान में क्रिकेट खेल रहे थे। आरोप है क्रिकेट मैदान के पास एक खंडहर वाली मकान के पास मनीष और तरुण बैठकर शराब पी रहे थे। मैच के दौरान गेंद मनीष के लग गई। अनुज नामक युवक गेंद लेने के लिए गया तो मनीष और तरुण से गेंद लगने को लेकर उसकी कहासुनी हो गई। इसके बाद अनुज ने अपने साथी सूरज और शिवम को बुला लिया। दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद हाथापाई हुई। इस दौरान तीनों युवकों ने हाथ पैर के साथ क्रिकेट बल्ले से मनीष के सिर पर हमला कर दिया। पिटाई से बेसुध मनीष वहीं गिर गया।
जानकारी पर मनीष का भतीजा भी पहुंचा था लेकिन वह और तरुण कुछ देर बाद वहां से निकल गए। आरोपी पक्ष के युवक भी विवाद बढ़ने की आशंका के कारण वहां से निकल गए थे। पिटाई के कारण आंतरिक चोट लगने के कारण मनीष की मौत हुई है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। मामले में परिजन की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। अनुज, शिवम और सूरज नाम के युवक को हिरासत में लिया गया है।
मृतक का चचेरा भाई भाजपा का जिला मंत्री
मृतक का चचेरा भाई सत्यपाल शर्मा भाजपा में जिला मंत्री है। परिजन ने आरोप लगाए हैं कि आरोपियों ने बेरहमी से पिटाई के बाद गर्दन, पीठ, हाथ, पैर पर जमकर बल्ले से वार किए हैं। आरोपियों ने मृतक का फोन भी तोड़ दिया है। घटना से नाराज परिजन ने मंगलवार सुबह सूरजपुर कोतवाली पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। परिजन का आरोप है कि मनीष को शराब पिलाकर हत्या की गई है। घटना में छह-सात आरोपी शामिल हैं। मनीष को अपने साथ ले जाने वाले युवक की भी जांच होनी चाहिए।
प्राथमिक जांच में पता चला चला है कि क्रिकेट खेलने के दौरान कहासुनी के बाद हुए विवाद में तीन लोगों ने मनीष शर्मा को बल्ले से मारकर घायल कर दिया था। बाद में मनीष की मौत हो गई थी। आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। -शक्ति मोहन अवस्थी, डीसीपी सेंट्रल नोएडा जोन