स्विच दिल्ली ईवी जागरुकता अभियान का अंतिम(आठवां) सप्ताह दिल्ली के युवाओं पर केंद्रित रहेगा। इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए युवाओं को प्रेरित किया जाएगा। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने इस आंदोलन को सफल बनाने में युवाओं की भूमिका अहम बताते हुए पहला वाहन इलेक्ट्रिक ही खरीदने की अपील की।
गहलोत ने कहा कि किसी भी देश में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। स्विच दिल्ली अभियान के जरिये अधिक से अधिक युवा जुड़कर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदकर दिल्ली को स्वच्छ बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
दिल्ली की ईवी नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी पर युवाओं को वित्तीय और गैर-वित्तीय लाभ मिलेगा। इलेक्ट्रिक टू व्हीलर से ईंधन के मद में काफी बचत की जा सकती है। पेट्रोल स्कूटर की तुलना में 22 हजार जबकि ई बाइक के इस्तेमाल से सालाना 20 हजार रुपये की वार्षिक बचत की जा सकती है। पेट्रोल वाहनों की अपेक्षा इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहनों के इस्तेमाल से 11 पेड़ों के बराबर(1.98 टन कार्बन उत्सर्जन)में कमी हो सकती है। पेट्रोल-डीजल की बजाए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदकर दिल्ली के युवा पूरे भारत के लिए उदाहरण स्थापित कर सकते हैं।
कैलाश गहलोत ने कहा कि दिल्ली के युवाओं में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदकर दिल्ली को बदलने की क्षमता है। इससे राजधानी में वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी के साथ साथ दिल्ली को ईवी राजधानी बनाने के सीएम के सपने को भी साकार कर सकते हैं। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए स्विच दिल्ली प्रतिज्ञा लेकर युवा, इस अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित कर सकते हैं।
जन आंदोलन की लें जिम्मेवारी
परिवहन मंत्री ने दिल्लीवासियों से आग्रह किया कि इलेक्ट्रिक वाहन खरीदकर, इस अभियान को जन आंदोलन को सफल बनाने की जिम्मेवारी लेने के लिए आगे बढ़ें। इस नीति के तहत प्रोत्साहनों के अलावा बुनियादी ढांचे को भी बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्सहित किया जा रहा है।