देशभर में ईंधन बचाने की मुहिम पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन एक युवा वैज्ञानिक कनिष्क सिन्हा के बनाए इंधन रहित ऑटो इंजन को अनापत्ति प्रमाण पत्र देने की फाइल चार साल से लटका रखी है।
पर्यावरण के अनुकूल बने इस इंजन के लिए एनओसी पाने को युवा वैज्ञानिक ने अब हाईकोर्ट की शरण ली है। अदालत ने इस मामले में केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब तलब किया है।
न्यायमूर्ति वीके शाली ने कनिष्क की याचिका पर हैरानी जताते हुए कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में तुरंत निर्णय लेना चाहिए। इस तरह के इंजन से पर्यावरण स्वच्छ रहेगा। इस पर खर्च भी काफी कम आएगा।