एक दिन उसने पीड़ित को मिलने के लिए सिग्नेचर ब्रिज बुलाया। इसके बाद 29 जनवरी को डीटीसी बस डिपो सीमापुरी बुलाया। पीड़ित अपनी कार से वहां पहुंच गया। इस बीच करीब 30 मिनट बाद वह एक अन्य महिला के साथ वहां पहुंची। युवती ने दूसरी महिला को अपनी सहेली बताया। इसके बाद वह अपनी सहेली के फ्लैट पर चलने की बात कर पीड़ित को शालीमार गार्डन के फ्लैट पर ले गई।
दोनों कमरे में बैठकर अभी बात ही कर रहे थे कि अचानक घर का दरवाजा खुला और चार-पांच लोग वहां पहुंच गए। एक आरोपी ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। महिला ने खुद को एनजीओ की महिला बताया। एक व्यक्ति ने खुद को मकान मालिक बताया। इसके बाद एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में भी वहां पहुंच गया। आरोपियों ने नाबालिग से दुष्कर्म करने की बात कर नंद किशोर की पिटाई की।
बाद में उसे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगे। आरोपियों ने छोड़ने के बदले 10 लाख की डिमांड की। पीड़ित ने रुपये न होने की बात की तो उसकी और पिटाई की गई। पीड़ित रुपयों का इंतजाम करने की बात कर दो लोगों को लेकर सीमापुरी एरिया में पहुंचा। वहां उसने शोर मचा दिया। भीड़ ने वर्दी वाले आरोपी को पकड़ लिया। अन्य आरोपी फरार हो गए। पकड़े गए आरोपी की पहचान सन्नी सुनेजा के रूप में हुई।
सन्नी का दावा उसे एक्टिंग के लिए बुलाया गया था...
पुलिस की वर्दी में पकड़े गए सन्नी सुनेजा ने दावा किया है कि उसे एक्टिंग की बात कर जाल में फंसाया गया है। सन्नी को एक्टिंग का शौक था। उसकी मुलाकात हनी सक्सेना से हुई। हनी ने एक रेड की एक्टिंग करने की बात की। सन्नी का दावा है कि उसे पता ही नहीं था कि वहां सब कुछ असली चल रहा है। वारदात के बाद मुख्य आरोपी हनी सक्सेना फरार हो गया। पुलिस ने छानबीन के बाद बाकी तीन आरोपियों को अलग-अलग इलाके से दबोच लिया।
पहले भी वसूली के मामले में शामिल रह चुकी है हेमलता
छानबीन के दौरान पता चला कि पकड़ी गई हेमलता पहले भी वसूली के आरोप में गिरफ्तार हो चुकी है। इसके खिलाफ वर्ष 2014 में लाजपत नगर इलाके में इसी तरह का मामला दर्ज है। फिलहाल महिला बुराड़ी इलाके में अपना ब्यूटी पार्लर चला रही है। वह लोगों को अपनी जाल में फंसाने में मदद करती है। शफीक खुद को एनजीओ का सदस्य बताकर लोगों को डराता है। वारदात के समय दीपक को कार चलाने के लिए बुलाया जाता था।