दिल्ली विधानसभा परिसर में अब फूलों से बड़ी सजावट सिर्फ साल में एक बार उपराज्यपाल के आगमन पर ही की जाएगी। बाकी सत्र में फूल-पत्तियों की बड़ी सजावट नहीं की जाएगी।
यह निर्देश विस के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने सचिवालय को जारी किए हैं। गोयल का तर्क है कि एक बार सजावट का बिल लोक निर्माण विभाग ने करीब 65 हजार रुपये का दिया था, जो पैसे की बर्बादी है।
विस से जुड़े अधिकारी ने बताया कि आम आदमी पार्टी सरकार के गठन के बाद जब विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह और उपराज्यपाल के अभिभाषण के लिए सत्र हुआ तो उसमें हमेशा की तरह फूलों से सजावट की गई।