दोषी अधिकारियों को नौकरी से निकाले मोदी सरकार, पहचान होने के बावजूद एफआईआर और निलंबन क्यों नहीं : भारद्वाज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ अभद्रता और प्रदर्शनकारियों से मारपीट के मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। आप के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि महिलाओं के साथ अभद्रता और मारपीट करने वाले पुलिस अधिकारियों को मोदी सरकार को नौकरी से निकाल देना चाहिए।
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करने वाले पुलिस अधिकारियों की पहचान हो चुकी है। इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ न तो एफआईआर दर्ज की गई है और न ही किसी अधिकारी को निलंबित किया गया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस आयुक्त से इस मामले में जवाब देने की मांग की।
आप नेता ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर मौजूद कई वीडियो में डीसीपी स्तर के पुलिस अधिकारियों को महिलाओं के साथ कथित तौर पर अभद्रता और मारपीट करते हुए पहचाना जा सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस अधिकारियों के नाम भी सामने आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ गंभीर बदसलूकी की गई और युवाओं को बेरहमी से पीटा गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि सादी वर्दी में आए लोगों ने कील लगे डंडों से प्रदर्शनकारियों पर हमला किया। भारद्वाज ने कहा कि यदि इन घटनाओं के बावजूद दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो इससे यह सवाल उठता है कि क्या इस कथित बर्बरता को शीर्ष स्तर पर सरकार की मौन सहमति प्राप्त थी।
उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री वास्तव में युवाओं और जेन-जी के साथ संवाद करना चाहते हैं तो सरकार को सबसे पहले प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।