हाईकोर्ट ने भारतीय वायु सेना के उस नियम पर मोहर लगा दी है, जिसके तहत शरीर के बाहरी हिस्से में पक्का गोदना (टैटू) बनाने पर चयन से हाथ धोना पड़ सकता है।
हालांकि अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को उनकी परंपरा के अनूरूप गोदना बनाने की अनुमति है, लेकिन इसकी जानकारी व फोटो आवेदन करते समय देना अनिवार्य है।
जस्टिस हीमा कोहली व जस्टिस रेखा पल्ली ने एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए इस बात पर गौर किया कि याची के कोहनी के बाहरी हिस्से पर बना गोदना वायु सेना के नियमों व छूट के मुताबिक नहीं था।
इसके अलावा याची ने आवदेन के साथ इसकी जानकारी व फोटो वायु सेना को नहीं दिया था जबकि विज्ञापन में इसकी जानकारी मांगी गई थी।