एक घंटे केजरीवाल ने रखी अपनी बात
केजरीवाल ने एक घंटे तक अपनी बात रखी। उन्होंने न्यायाधीश के समक्ष कई आपत्तियां उठाईं। इनमें उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर राहत न देना शामिल था। न्यायाधीश ने मनीष सिसोदिया और के. कविता सहित अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी राहत नहीं दी थी।
पहले भी दीं हैं खुद दलीलें
केजरीवाल ने कहा कि उन्हें लगभग दोषी घोषित कर दिया गया था। यह पहली बार नहीं है जब आम आदमी पार्टी के नेता ने अदालत में खुद दलीलें दी हैं। 28 मार्च, 2024 को उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत के विस्तार पर भी दलीलें दी थीं। ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य को बरी कर दिया था।
न्यायाधीश की टिप्पणी
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल से कहा, आप वकील बन सकते हैं। इस पर केजरीवाल ने जवाब दिया कि वह अपनी वर्तमान भूमिका से खुश हैं। वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने केजरीवाल से प्रतिस्पर्धा न बढ़ाने का अनुरोध किया। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
सीबीआई की याचिका
ट्रायल कोर्ट ने सीबीआई के मामले को न्यायिक जांच के लिए अनुपयुक्त बताया था। नौ मार्च को न्यायमूर्ति शर्मा ने सीबीआई की याचिका पर सभी 23 आरोपियों को नोटिस जारी किए। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट के कुछ निष्कर्ष प्रथम दृष्टया त्रुटिपूर्ण प्रतीत होते हैं। न्यायाधीश ने सीबीआई के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश पर भी रोक लगा दी।