आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व सहयोगियों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मंच साझा करने पर आपत्ति जताई है।
योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण व उनके स्वराज अभियान का कहना है कि अभी तक पूरी राजनीतिक व्यवस्था को भ्रष्ट बताने वाले आप के मुखिया फिलहाल उसी व्यवस्था के एक बड़े खिलाड़ी को ईमानदारी का प्रमाणपत्र बांट रहे हैं।
अभियान का कहना है कि भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से उपजी पार्टी धीरे-धीरे व्यवस्था का हिस्सा बनती जा रही है। मीडिया को जारी विज्ञप्ति में स्वराज अभियान का कहना है कि आप फिलहाल नीतीश कुमार की व्यक्तिगत ईमानदारी की उसी तरह दुहाई दे रही है, जैसा कभी कांग्रेस अपने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आड़ में करते थे।