डॉ. योगानंद शास्त्री
- फोटो : अमर उजाला
शीला दीक्षित की सरकार में दो बार मंत्री के तौर पर दिल्ली देहात की आवाज उठाने के साथ-साथ अध्यक्ष के रूप में विधानसभा चलाने वाले डॉ. योगानंद शास्त्री मौजूदा राजनीति को देशहित में नहीं मानते हैं।
उन्होंने बताया कि पहले लोग समाजसेवा के लिए राजनीति में आते थे। इसके अलावा दल भी समाजसेवा करने वाले लोगों को ही चुनाव लड़वाने में रूचि लेते थे, लेकिन अब ज्यादातर नेताओं में समाजसेवा की झलक दिखाई नहीं देती है। पहले आम लोगों में नेताओं के प्रति बहुत सम्मान होता था और वे उन पर बहुत विश्वास करते थे, क्योंकि नेता उनके हकों के लिए लड़ते थे। कई बार तो नेता जनता के हित में अपने दल की सरकार के खिलाफ भी झंडा बुलंद कर देते थे, लेकिन अब एकदम उलट हो चुका है। नेता अब अपना हित देखते हैं।