पिछले लम्बे समय से दिल्ली की राजनीति में जीरो रहे विजय गोयल बीजेपी के नये हीरो बन सकते हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता के मुताबिक अमित शाह ने विजय गोयल से दिल्ली विधानसभा चुनावों की तैयारियों में सक्रिय रहने के लिए कहा है। इसी वजह से विजय हर रोज प्रदेश के नेताओं और आरडब्ल्यूए की बैठकों में नजर आ रहे हैं।
आपको बता दें कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा से सांसद विजय गोयल इसी साल अपने बयान को लेकर चर्चा में रहे थे। जिसमें उन्होंने कहा था कि राजधानी दिल्ली की समस्याओं को सुलझाने के लिए बिहार और यूपी से आने वाले लोगों को रोकना बेहद ज़रुरी है, क्योंकि ये लोग यहां काम की तलाश में आते हैं और यहीं बस जाते हैं।
राजधानी में लगे बीजेपी के पोस्टर्स में विजय गोयल को अब जगह मिल गयी है। इन पोस्टर्स में अमित शाह के साथ विजय गोयल और सतीश उपाध्याय की तस्वीरें लगी हैं। अब ऐसे में पार्टी दिल्ली के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर गोयल को दिल्ली को दिल्ली की राजनीति में वापस ले आई है। 2013 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों के पहले भारतीय जनता पार्टी ने इस नेता से कहा था कि प्रदेश में अब वे पार्टी का चेहरा नहीं होंगे।
विजय गोयल बन सकते हैं नये हीरो
पार्टी के अंदरुनी सूत्रों के मुताबिक विजय गोयल आने वाले विधान सभा चुनावों में एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। इसी सप्ताह उनकी पार्टी नेताओं से दो महत्वपूर्ण बैठक होने वाली हैं जिसमें एक मीटिंग भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ है।
राजस्थान से राज्यसभा सांसद गोयल की जड़ें दिल्ली से जुड़ी हुई हैं। एक वरिष्ट पार्टी नेता कहते हैं कि भाजपा दिल्ली में मजबूत जीत हासिल करना चाहती है जिस वजह से सभी से मजबूत जिम्मेदारी लेने के लिए कहा गया है।
सूत्रों के मुताबिक शाह ने मंगलवार की पार्टी मीटिंग में विजय गोयल को दिल्ली के चुनावों से ज्यादा से ज्यादा सक्रियता दिखाने के लिए कहा था। पार्टी से जुड़ने वाले बैनर्स में अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, के साथ विजय गोयल और प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय नजर आ रहे हैं।
दिल्ली चुनावों में निभा सकते हैं बड़ी भूमिका
कहा जा रहा है कि कभी दिल्ली की राजनीति को संभालने वाले विजय गोयल इन दिनों दिल्ली में जीरो की भूमिका में थे। उम्मीद की जा रही है कि ये वरिष्ठ नेता आने वाले चुनावों में दिल्ली में एक बड़े नायक की भूमिका में नजर आ सकता है।
पार्टी के एक और नेता कहते हैं कि 2013 में बहुमत हासिल ना कर सकी बीजेपी सोच रही है कि प्रदेश में विजय गोयल पार्टी को बढ़त दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं।
आपको बता दें कि पिछले चुनावों में विजय गोयल को प्रदेश की राजनीति से किनारे कर दिया गया था, और पार्टी ने एक नये चेहरे हर्षवर्धन को अपने मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था। हालांकि विजय गोयल पार्टी के इस फैसले का विरोध करते रहे थे।