प्रदूषण फैला रही डाइंग यूनिटों पर सख्ती का विरोध शुरू हो गया है। बुधवार को नहर पार के डाइंग यूनिट संचालकों ने सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-16 स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। इस दौरान यूनिट संचालकों ने राज्यपाल के नाम जिला उपायुक्त व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा।
डाइंग यूनिट संचालकों का कहना था कि नहर पार में डाइंग यूनिटें लंबे समय से चल रही हैं। इनसे हजारों लोगों का रोजगार चल रहा है। अगर इन यूनिटों को बंद किया जाएगा तो यहां काम करने वाले श्रमिकों के सामने रोटी-रोजी की दिक्कत पैदा हो जाएगी।
लोगों के सामने रोजगार का बड़ा संकट पैदा हो जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले दिनों से लगातार चल रही कार्रवाई के चलते कई डाइंग यूनिटों पर ताले लग गए हैं। इनमें काम करने वाले कर्मचारियों को घर चलाने के लिए मजदूरी तक करनी पड़ रही है। प्रदर्शनकारियों ने डाइंग यूनिटों पर हो रही कार्रवाई को बंद करने की मांग उठाई।
बता दें कि, नहर पार में चल रही डाइंग यूनिटों के खिलाफ एनजीटी में याचिका दायर की गई थी। इसके बाद से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी जयभगवान शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन करने वालों की मांग उच्च अधिकारियों के सामने रखी जाएगी। एनजीटी के आदेश पर कार्रवाई की जाएगी।