यमुना प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड मीटिंग में लिए फैसले से जहां यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की प्रॉपर्टी छलांग मारेगी, वहीं ग्रेटर नोएडा की तरफ उद्योग आकर्षित होंगे।
यमुना प्राधिकरण द्वारा सेक्टर 20/22 तक मेट्रो पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू करने की खबर ही यहां पर प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ाने के लिए काफी है।
लोगों को यह पता चलते ही कि वहां मेट्रो पहुंच रही है प्रॉपर्टी के दामों को पंख लग जाएंगे। मेट्रो को एक्सप्रेस वे के किनारे जाना है। यमुना प्राधिकरण द्वारा डीपीआर तैयार करने का प्रस्ताव पारित कर देने से ही यह साफ हो गया है कि मेट्रो का वहां जाना तय है।
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उधर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने उद्योगों को आकर्षित करने के लिए फेस टू में भूमि आवंटन दर घटाकर उद्यमियों के आगे चारा फेंका है। अभी तक वहां पर औद्योगिक जमीन की आवंटन दर 8900 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी। जबकि नोएडा में इससे कम दर है।
ऐसे में उद्यमियों का कहना था कि ज्यादा दर पर जमीन लेने फेस टू में क्यों आएं। अब ग्रेनो प्राधिकरण ने इस दर को 2400 रुपये प्रति वर्ग मीटर कम करते हुए 6500 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया है। जिससे उद्योग फेस टू की ओर आकर्षित होंगे।