यमुना एक्सप्रेसवे पर 32 किमी पर इंटरचेंज बन जाने से दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा व आगरा की तरफ से आने वाले यात्री बिना किसी रुकावट के सीधे एयरपोर्ट पहुंच जाएंगे। वहीं दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए हरियाणा के बल्लभगढ़ से नोएडा एयरपोर्ट तक बन रही सड़क इंटरचेंज के जरिए यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगी। बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में यह सड़क भी मील का पत्थर साबित होगी।
सर्विस रोड का काम भी हो जाएगा पूरा
यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट से जेवर तक बनने वाली सर्विस रोड का निर्माण भी अधर में है। किसानों के कोर्ट चले जाने व कई जगह अवैध निर्माण की वजह से सर्विस रोड का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। किसानों की समस्या का निस्तारण व अवैध निर्माण को ध्वस्त कर अधूरी सड़क के पूरा होने का रास्ता साफ हो गया है। सर्विस रोड का निर्माण पूरा होने से एयरपोर्ट पहुंचना आसान हो जाएगा।
कार्गो टर्मिनल के लिए बनने वाली सड़क से 219 परिवार प्रभावित
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल तक माल वाहक वाहनों से ढुलाई के लिए उत्तर पूर्वी दिशा में सड़क बननी है। यमुना एक्सप्रेसवे से कार्गो टर्मिनल तक बनने वाली इस सड़क की कुल लंबाई 10 किमी होगी। इसके लिए चार गांवों रोही, पारोही, रन्हेरा और दस्तमपुर की कुल 7.4880 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जा रही है। इसका सामाजिक समाघात निर्धारण (सोशल इंपेक्ट एसेसमेंट) अध्ययन कराया गया। नामित एजेंसी गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय द्वारा एसआईए की रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जा चुकी है। इस परियोजना से चार गांवों के लगभग 219 परिवार प्रभावित हो रहे हैं। प्रभावित लोगों के बात सुनने के लिए लोक सुनवाई का आयोजन किया जाएगा। इसकी तिथि निर्धारित कर दी गई है।
एडीएम एलए बच्चू सिंह ने बताया कि एसआईए रिपोर्ट पर जनसुनवाई की तिथि निर्धारित कर दी गई है। रोही व पारोही की सुनवाई 18 अप्रैल, रन्हेरा की 19 अप्रैल और दस्तमपुर की सुनवाई 19 अप्रैल को होगी। इसके अलावा 30 मीटर चौड़ी सड़क के समानांतर यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 45 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण होगा। यह सड़क प्राधिकरण के औद्योगिक सेक्टरों को कनेक्टिविटी के साथ कार्गो टर्मिनल से भी जुड़ेगी।
किस गांव की कितनी जमीन की जा रही अधिग्रहित
रोही - 1. 6566 हेक्टेयर
पारोही - 0. 6758 हेक्टेयर
रन्हेरा - 3. 6804 हेक्टेयर
दस्तमपुर -1. 4772 हेक्टेयर