नोएडा से आगरा तक यमुना एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने के बाद अब लखनऊ तक का सफर आसान बनाने की कवायद शुरू हो गई है। आगरा से लखनऊ तक करीब 300 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के लिए आरएफक्यू (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) शनिवार को जारी कर दिया गया है।
आगरा से लखनऊ तक प्रस्तावित एक्सप्रेसवे प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। हालांकि पहले इस एक्सप्रेसवे को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत बनाने की योजना बनाई गई थी। भारत सरकार की तरफ से इसके लिए 20 फीसदी खर्च उठाने की रजामंदी भी जता दी गई थी, लेकिन इस परियोजना में हिस्सेदारी निभाने के लिए कोई निजी संस्था आगे नहीं आई।
इसके बाद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को प्रदेश सरकार ने अपने खर्च पर बनाने का निर्णय लिया। यूपीएचडीएमसी के सीईओ मुकुल सिंघल ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 1500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पांच भागों में इसका निर्माण किया जाएगा।
शनिवार को इसका आएफक्यू जारी कर दिया गया है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद नोएडा से लखनऊ तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा। औद्योगिक विकास को भी इस योजना से बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों को चार लेन की सड़क से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।