प्रमुख सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा, एनएचएआई की भी निर्माण में मदद लेगा यीडा
130 और 120 मीटर चौड़ी ग्रिड रोड के लिए जमीन खरीदने में तेजी, अधूरे सेक्शन होंगे पूरे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा औद्योगिक शहर
अतुल भारद्वाज
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी फेज-1 में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर घरेलू उड़ानों के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारियों के बीच सड़क कनेक्टिविटी बेहतर करने की योजना पर काम तेज हो गया है। यमुना प्राधिकरण ग्रिड रोड और पेरीफेरल रोड के अधूरे हिस्सों को पूरा कराने के साथ जमीन खरीद की प्रक्रिया को प्राथमिकता दे रहा है। इससे औद्योगिक और आवासीय सेक्टरों की नेशनल हाईवे, एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगी। जगनपुर-अफजलपुर और मोहना के पास प्रस्तावित इंटरचेंज पूरे होने पर यमुना सिटी को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह की समीक्षा के बाद 130 मीटर और 120 मीटर चौड़ी ग्रिड सड़कों के लिए जमीन खरीद में तेजी लाई जा रही है। ये सड़कें फेज-1 के सभी सेक्टरों को जोड़ेंगी। यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों ओर विकसित सेक्टरों को भी इनके नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। छह-छह लेन की इन सड़कों में सेंट्रल वर्ज पर ग्रीनबेल्ट, मुख्य रेनवाटर स्टॉर्म ड्रेन, डेडीकेटेड बस कॉरिडोर और सर्विस लेन का प्रावधान है।
ग्रिड रोड को महायोजना में शामिल 45 मीटर, 60 मीटर और 30 मीटर चौड़ी पेरीफेरल सड़कों से भी जोड़ा जाएगा। इससे सेक्टरों से मुख्य मार्गों तक पहुंचने में सुविधा होगी। यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर दोनों ओर प्रस्तावित 60 मीटर और 30 मीटर चौड़ी सड़कें सेक्टरों, जेवर, रबूपुरा और दनकौर जैसे कस्बों के साथ एयरपोर्ट तक पहुंच आसान बनाएंगी। इनका इस्तेमाल कर कई स्थानों पर टोल दिए बिना भी आवाजाही की जा सकेगी। अधूरे हिस्सों का निर्माण और जमीन संबंधी अड़चनें दूर करने का काम प्राथमिकता से किया जाएगा।
खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगी ग्रिड रोड
प्राधिकरण 130 मीटर और 120 मीटर चौड़ी सड़कों को प्रस्तावित खुर्जा-जेवर-पलवल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को प्रस्ताव भेजा गया है। 130 मीटर चौड़ी सड़क को ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे, प्रस्तावित जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और खुर्जा-जेवर-पलवल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। इसके लिए जमीन यमुना प्राधिकरण उपलब्ध कराएगा, जबकि सर्विस लेन का निर्माण भी प्राधिकरण करेगा। जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कुछ हिस्सों के निर्माण के लिए टेंडर भी जारी किए जा रहे हैं।
कार्गो रोड का भी होगा विस्तार
नोएडा एयरपोर्ट के कार्गो विलेज से यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर बनी 60 मीटर चौड़ी सड़क तक एनएचएआई ने वीआईपी रोड का निर्माण किया है। अब इसे प्रस्तावित खुर्जा-जेवर-पलवल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। इसके लिए यमुना प्राधिकरण एनएचएआई को करीब 400 करोड़ रुपये अतिरिक्त देगा। सड़क का विस्तार एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों की लॉजिस्टिक्स जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
इन सड़कों से भी मिलेगी मदद
- जेवर लिंक एक्सप्रेसवे: 74 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर 5,400 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। यह गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को एयरपोर्ट के पास जोड़ेगा।
- 130 मीटर चौड़ी सड़क: ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा को सिरसा के पास ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली सड़क का विस्तार यीडा क्षेत्र तक होगा। इस परियोजना पर 1,700 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। डेडीकेटेड बस कॉरिडोर से दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
- 60 मीटर चौड़ी सड़क: यह सड़क परी चौक से गलगोटिया यूनिवर्सिटी और गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी होते हुए एयरपोर्ट तक जाती है। दयानतपुर से आगे सबौता और प्रस्तावित खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे तक इसकी पहुंच बनाने की योजना है। जमीन विवाद दूर कराने की प्रक्रिया चल रही है।
- खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे: इससे फेज-1 की 120 और 130 मीटर चौड़ी सड़कें जुड़ेंगी। टप्पल के पास प्रस्तावित 8,000 एकड़ के औद्योगिक गलियारे को भी इस नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
-
यमुना सिटी फेज-1 की रोड कनेक्टिविटी बेहतर करने की दिशा में काम चल रहा है। जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के साथ नए इंटरचेंज का निर्माण पूरा कराकर उन्हें जल्द उपयोग में लाने की योजना है। नियोजित सड़कों के अधूरे हिस्सों और जमीन संबंधी बाधाओं को प्राथमिकता से दूर कराया जा रहा है। आने वाले समय में यमुना सिटी के सड़क नेटवर्क में इसका असर दिखाई देगा।
- राकेश कुमार सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण