पीसी गुप्ता ने जानकार कंपनियों को बांटे ठेके
यीडा के पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता ने न सिर्फ जमीन खरीदने में अपने करीबियों को लाभ दिए, बल्कि अपने से जुड़ी कंपनियों को ठेके भी बांटे। यीडा अब इन कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी कर रहा है। जमीन घोटाले में रजनीश कार्पोरेट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और बीएम इंफ्राट्रेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी सिविल और उद्यान विभाग में काम करती रही हैं। इस कंपनी में प्रमोद यादव के अलावा मान सिंह यादव व मीना यादव का भी नाम है।
यह कंपनी यमुना व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में उद्यान व निर्माण कार्यों का ठेका लेकर काम कराती है। तीन महीने के भीतर इनकी फर्मों पर ठीक से काम नहीं करने के आरोप में दो बार जुर्माना भी लगा है। यमुना प्राधिकरण में सेक्टर-17 ए में अभी काम कर रही है। आरोप है कि फर्मों ने सही तरीके से काम नहीं किया है। वहीं, घोटाले में एक अन्य आरोपी देवेश गुप्ता की लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन भी यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में उद्यान और सिविल कार्यों का टेंडर ले रखा है। इन कंपनियों को करीब दो साल पहले टेंडर दिए गए। अब इन ही कंपनियों को यीडा ब्लैक लिस्ट करने जा रहा है। ब्यूरो
सीबीआई जांच हुई तो कई बड़े नेता भी फंसेंगे
जमीन खरीद घोटाले की अगर सीबीआई जांच हुई तो सपा और बसपा के कई बड़े नेता भी फंस सकते हैं। जमीन खरीद में शामिल कंपनी के डायरेक्टर मान सिंह यादव के सपा के कद्दावर नेताओं से करीबी रिश्ते हैं। सपा के यह नेता अगर शहर में आते हैं तो वह मान सिंह से जरूर मुलाकात करते हैं। सूत्र बताते हैं, कि इन कंपनियों में सपा के नेताओं का भी पैसा लगा है।