यमुना प्राधिकरण में घोटाले की एफआईआर दर्ज होने के बाद एसएसपी के निर्देश पर तीन टीम गिरफ्तारी और तथ्य संकलन के लिए बनाई गई है। पुलिस टीमों ने दिल्ली, गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर 6 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है।
वहीं, नामजद किए गए कुछ बड़े अधिकारियों के विदेश भागने की भी आशंका होने लगी है। इस वजह से पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कराने की भी तैयारी शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण में हुए 126 करोड़ के घोटाले में नामजद किए गए कुछ बड़े अधिकारियों के बच्चे और अन्य पहले से विदेश में पढ़ते और रहते हैं। वहीं घोटाले में गिरफ्तारी होने के बाद प्राधिकरण के अन्य घोटालों की भी परतें खुल सकती हैं। पुलिस आरोपियों के घर पहुंची, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगे। इससे इस आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि आरोपी पुलिस की गिरफ्तारी और पूछताछ से बचने के लिए विदेश का रुख कर लें।
सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि, आरोपी दूसरी ओर अपने परिचितों की मदद से गिरफ्तारी पर स्थगनादेश लेने के प्रयास में जुटने की भी जानकारी दे रहे हैं। इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि आरोपी अपनी राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल करने की जुगत में जुट गए हों। सूत्रों ने यह जानकारी दी है कि पकड़े गए संदिग्धों में एक नामजद भी है, लेकिन अभी इसकी अधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
सुनीति, एसपी देहात ने बताया कि, कई स्थानों पर दबिश देकर छह लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ा गया है। आरोपियों के विदेश भागने की आशंका के चलते लुकआउट नोटिस जारी कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अधिकांश आरोपियों के पहचान पत्र पर लिखे पते पुराने हैं। कुछ लोग जिनके पते सही थे वह घर पर नहीं मिले हैं। एक टीम तथ्य संकलन के लिए गठित की गई है।