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यमुना प्राधिकरण जमीन घोटाला: घोटालेबाज अफसरों से ब्याज समेत रकम वसूलने की सिफारिश

Mon, 04 Jun 2018 10:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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डॉ. प्रभात कुमार, यीडा चेयरमैन - फोटो : अमर उजाला
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यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मथुरा में जमीन घोटाले की जांच में कई बड़े अफसरों के नाम हैं और इस प्रकरण की गंभीरता से जांच होती है तो और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। इसी कारण चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार ने घोटाले की जांच सीबीआई या एसआईटी से कराने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी है। खास बात यह है कि जमीन की रजिस्ट्री रद्द करते हुए मुआवजे की रकम पर बैंकों को दिए गए ब्याज को आरोपी अधिकारियों व कर्मचारियों से वसूलने की भी सिफारिश की गई है।  

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मेरठ मंडलायुक्त व यीडा के चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार ने शासन को रिपोर्ट भेजी है, जिसमें एफआईआर व सीबीआई जांच के अलावा चार और कार्रवाई की बात कही है। पहला, 57.14 हेक्टेयर जमीन खरीदने के लिए 85.49 करोड़ रुपये व्यय किए गए, जिस पर प्राधिकरण को 40.93 करोड़ रुपये ब्याज बैंकों को भरने पड़ा, इसलिए ब्याज की इस रकम की वसूली पीसी गुप्ता व अन्य अधिकारियों की जाए। दूसरा, प्राधिकरण की मुआवजा दर से अधिक पर भुगतान करने के कारण 39.86 करोड़ रुपये अधिक बांटे गए।

इतनी रकम की आज की वैल्यू जोड़ लें तो 58.95 करोड़ रुपये बैठती है। इसकी वसूली जमीन विक्रेताओं से की जाए। तीसरा, उस समय इस जमीन की जरूरत नहीं थी, सिर्फ अधिकारियों की मिलीभगत से कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए जमीन खरीदी गई, इसलिए इन जमीनों की रजिस्ट्री को रद्द कर दी जानी चाहिए। जिन कंपनियों से जमीन खरीदी गई है वे सभी फर्जी कंपनी प्रतीत होती हैं, इसलिए उनके खिलाफ रजिस्ट्रार कंपनी अफेयर्स और मिनिस्ट्री ऑफ कारपोरेट अफेयर्स (भारत सरकार) से कार्रवाई के लिए संस्तुति दी जाए।   

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इन सात अफसरों पर भी गिरेगी गाज 

यमुना प्राधिकरण में मास्टर प्लान से बाहर जाकर मथुरा में जमीन खरीदकर घोटाला करने वालों में पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता व सुरेशचंद्र शर्मा के अलावा सात नाम और हैं, जिन पर कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक उस समय यीडा में डीसीईओ रहे सतीश कुमार (वर्तमान में अपर आयुक्त मुरादाबाद), पूर्व ओएसडी वीपी सिंह (हाल में आईटीआई प्रधानाचार्य मेरठ), पूर्व तहसीलदार रणवीर सिंह (हाल में तहसीलदार अलीगढ़), पूर्व नायब तहसीलदार चमन सिंह, परियोजना प्रबंधक चमन सिंह, प्रबंधक नियोजन बृजेश कुमार व लेखपाल पंकज कुमार शामिल हैं। ये अधिकारी व कर्मचारी मौजूदा समय में अन्य विभागों में कार्यरत हैं। इसलिए चेयरमैन ने इन पर कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी है। जमीन खरीदने में इन अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी गड़बड़ी के आरोप हैं।  
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