जम्मू एंड कश्मीर गर्ल्स हॉस्टल का मामला, प्रशासन ने मांगों पर जताई सहमति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के जम्मू एंड कश्मीर गर्ल्स हॉस्टल के मेस के खाने में कीड़ा निकलने पर छात्राओं ने जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने खाने की गुणवत्ता सुधारने से लेकर मेस वेंडर को बदलने समेत कई मुद्दे उठाए। इस दौरान एनएसयूआई, आइसा समेत कई छात्र संगठनों के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। हालांकि जामिया प्रशासन द्वारा वेंडर बदलने समेत दूसरी मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद तड़के तीन बजे छात्राओं ने प्रदर्शन खत्म किया।
प्रदर्शनकारी छात्राओं का आरोप है कि उन्हें मेस के खाने में लगातार मक्खियां, कीड़े और अन्य कीट मिल रहे हैं। छात्र संगठन आइसा ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ लापरवाही बरती जा रही है। छात्र लंबे समय से मेस संचालक के खिलाफ शिकायत और विरोध कर रहे हैं, लेकिन जामिया प्रशासन 2023 से उसी वेंडर को बार-बार ठेका दे रहा है। आरोप है कि शिकायतकर्ता छात्राओं को वार्डन ने कथित तौर पर परेशान और निशाना भी बनाया।
मुख्य तीन मांगों को लेकर हुआ प्रदर्शन
- मेस वेंडर के अनुबंध को तुरंत खत्म किया जाए
- हॉस्टल में सिर्फ महिला कर्मचारियों की ही तैनाती हो
- प्रदर्शनकारी छात्राओं को किसी प्रकार से परेशान न किया जाए।
प्रशासन द्वारा मांगों पर सहमति जताने के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया। हालांकि छात्राओं का आरोप है कि सुबह के समय उन्हें भोजन मिलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन किसी साजिश का हिस्सा : जामिया अधिकारी
इस प्रदर्शन को लेकर जामिया के एक अधिकारी ने कहा कि दो दिन पहले ही चावल में कीड़ा मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई के लिए उचित कदम उठाए थे। अब अचानक से छात्राओं का प्रदर्शन समझ नहीं आ रहा। उन्होंने इसे किसी साजिश का हिस्सा बताया। अधिकारी ने कहा कि दिल्ली में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। ऐसे में जामिया की छवि को खराब करने का यह प्रयास है। इसके अलावा हॉस्टल की मेस कमेटी में छात्र होते हैं। उनके द्वारा ही रोजाना खाने का मैन्यु तैयार किया जाता है।