नई दिल्ली। राजधानी के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) स्टेडियम में मंगलवार को न्यू दिल्ली 2026 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स के दूसरे संस्करण का उद्घाटन हुआ। 11 से 13 मार्च तक चलने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में आठ देशों के करीब 257 पैरा एथलीट अपने जज्बे और प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। खास बात यह है कि भारत की ओर से लगभग 219 खिलाड़ियों का सबसे बड़ा दल इसमें हिस्सा ले रहा है।
भारत, नेपाल, भूटान, हांगकांग, सर्बिया, बोस्निया, मिस्र और न्यूट्रल पैरा एथलीटों की मौजूदगी से यह प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय रंग में नजर आएगी। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच है, बल्कि लोगों को पैरा खेलों के प्रति जागरूक करने और दिव्यांग खिलाड़ियों की क्षमता को करीब से देखने का अवसर भी देगा।
विज्ञापन
प्रतियोगिता में भारत के कई स्टार पैरा एथलीट मैदान में उतरेंगे। इनमें पैरालंपिक चैंपियन मरियप्पन थंगावेलु, भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल और हाई जंपर प्रवीण कुमार शामिल हैं। इसके अलावा पैरालंपिक पदक विजेता अजीत सिंह और देवेंद्र सिंह गुर्जर, एशियाई पैरा खेलों के पदक विजेता अंकुर धामा, टी-12 धाविका सिमरन और पेरिस 2024 पैरालंपिक में दो पदक जीतकर इतिहास रचने वाली प्रीति पाल भी हिस्सा लेंगी। इन खिलाड़ियों की मौजूदगी प्रतियोगिता को और रोमांचक बनाएगी। पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा कि यह आयोजन भारत में पैरा खेलों के बढ़ते प्रभाव का संकेत है। वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स के अध्यक्ष पॉल फिट्जगेराल्ड ने कहा कि जेएलएन स्टेडियम में खेल सुविधाओं में हुए सुधार का फायदा भारतीय खिलाड़ियों को मिला है, जिसका असर हाल के वर्षों में देश के बढ़ते पदक प्रदर्शन में दिखाई देता है।
इस बार आयोजन में‘स्वयम’संस्था को आधिकारिक एक्सेसिबिलिटी पार्टनर बनाया गया है। संस्था ने स्टेडियम का एक्सेसिबिलिटी ऑडिट किया और खिलाड़ियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था भी सुनिश्चित की। कार्यक्रम के दौरान खेल परिसरों को दिव्यांगजन अनुकूल बनाने और खेलों में समान अवसर देने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजन आम लोगों को पैरा खिलाड़ियों के संघर्ष और उपलब्धियों से जोड़ते हैं। यही कारण है कि राजधानी में होने वाली यह प्रतियोगिता खेल प्रेमियों के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है।