लिवर एवं पित्त विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. शिव कुमार सरीन ने बताया ने बताया कि अध्ययन के दौरान पाया गया है कि 20 फीसदी पतले लोगों में फैटी लिवर की शिकायत पाई गई है। इसके अलावा देखा जा रहा है कि महिला एवं पुरुषों में तेजी से शराब के सेवन की आदत बढ़ रही है जो फैटी लिवर की समस्या बढ़ा रही है। इसके अलावा खराब दिनचर्या भी एक बड़ा कारण है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में गैस्ट्रोलॉजी विभाग की वरिष्ठ डॉ. वैशाली ने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से घर मंगवा रहे खाने के कारण भी लोगों में फैटी लिवर की समस्या देखने को मिल रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों से पता चलता है कि ये मरीज पहले की तरह ज्यादा काम नहीं करते, जिससे समस्या बढ़ती है। डॉ. अमित जावेद ने कहा कि बिना शराब के सेवन से होने वाले फैटी लिवर की समस्या लाइफ स्टाइल से जुड़ी है। इससे दुनियाभर के 30 फीसदी लोग पीड़ित हैं। डॉ. अभय सिंह के अनुसार लिवर से जुड़ी समस्याओं का उपचार हो सकता है।
5-6 गुना बढ़ जाती है समस्या
फैटी लिवर होने के बाद मधुमेह, अनियंत्रित रक्तचाप, ह्दय रोग, किडनी रोग, गॉल ब्लैडर में पथरी सहित अन्य बीमारी होने का खतरा पांच से छह गुना तक बढ़ जाता है। इसके अलावा खर्राटे लेने की समस्या भी बढ़ जाती है।
करवाएं जांच
समय-समय पर लिवर की जांच करवानी चाहिए। यदि ब्लड टेस्ट में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की सूचना मिलती है तो लिवर की जांच भी करवानी चाहिए। हो सकता है कि मरीज का लिवर फैटी हो।
ये लोग रखे अपना ध्यान
जिन मरीजों में मोटापा, मधुमेह, बीपी, हार्ट, कैंसर, हाई कोलेस्ट्रॉल, गॉल ब्लैडर में पथरी, अंडाशय में गांठ हो, खर्राटे लेते हो, किडनी रोग हो तो फैटी लिवर होने से समस्या बढ़ जाती है। यह शरीर में होने वाले अन्य रोगों को भी गंभीर बना देता है। इसके अलावा शराब का सेवन कम उम्र में ही लिवर से जुड़ी समस्या का पीड़ित बना देता है।
ऐसे करें बचाव
-नियमित रूप से व्यायाम करें
-शुगर का इस्तेमाल कम से कम करें
-देर रात में खाना न खाएं
-दिन संतुलित रखें
-क्षमता के अनुसार काम करें