स्टेडियम के गेट के बाहर भीड़ बहुत थी। सभी की आंखों में गेट के खुलने का इंतजार झलक रहा था। इंतजार के पलों में कई भारतीय फैंस ऑस्ट्रेलियाई और नीदरलैंड्स के क्रिकेट फैंस से गपशप करने लगे।
क्रिकेट ने अपने खेल के जरिए एक बार फिर से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में दुनिया भर से आए क्रिकेट प्रेमियों को एक साथ मिला दिया। अपने-अपने देश की टीमों के समर्थन में पहुंचे क्रिकेट प्रेमी चेहरे पर झंडा बनवाने के बहाने स्टेडियम के बाहर एक कतार में इंतजार करते साथ नजर आए।
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बुधवार दोपहर दो बजे से राजधानी में ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड्स के बीच आईसीसी विश्व कप का क्रिकेट मुकाबला खेला गया। स्टेडियम के बाहर क्रिकेट प्रेम के कई मामले देखने को मिले। स्टेडियम के अंदर जाने वाली कतार में कोई भारत की नीली जर्सी में, तो कोई पीली और लाल जर्सी में नजर आया। इस दौरान टी-शर्ट बेचने और चेहरे पर झंडा बनाने वालों की चांदी रही। प्रशंसक चेहरे पर अपनी-अपनी पसंदीदा टीम के समर्थन में एक साथ झंडा बनवाते नजर आए। अधिकांश दर्शकों ने ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के झंडे को अपने चेहरे पर बनवाया। स्थानीय पेंटर शत्रुघ्न ने बताया कि वह अन्य देशों के झंडे बनाने का भी उतना ही आनंद लेते हैं, जितना तिरंगा बनाने पर। बुधवार को हुए मैच ने उनके कारोबार को खूब बढ़ाया।
गेट के बाहर लगी रही भीड़
स्टेडियम के गेट के बाहर भीड़ बहुत थी। सभी की आंखों में गेट के खुलने का इंतजार झलक रहा था। इंतजार के पलों में कई भारतीय फैंस ऑस्ट्रेलियाई और नीदरलैंड्स के क्रिकेट फैंस से गपशप करने लगे। हंसी-मजाक के बीच हुई क्रिकेट की बातचीत हुई तो मुस्कुराहटों का भी आदान-प्रदान हुआ। यह सब क्रिकेट की वजह से उपजे सौहार्द को दर्शा रहा था। गेट खुलते ही दर्शक फौरन आगे की सीट पाने के लिए भागे।