नीलेश्वर बसक (इंटरनेशनल ग्रूमिंग विशेषज्ञ) का कहना है कि बजट से काफी उम्मीदें थी लेेकिन प्राइवेट सेक्टर की महिलाओं पर कुछ खास फोकस नहीं किया गया। सरकारी व नई कामकाजी महिलाओं पर ही ध्यान दिया गया है।
महिलाओं के लिए लुभावने बजट की उम्मीद थी। ईवेंट मैनेजर तब्बुसुम जैन कहती हैं कि बजट में महिला उद्यमियों का ध्यान नहीं रखा गया है। उन्हें राहत मिलनी चाहिए थी।
सभी वर्ग की महिलाओं की जगह एक खास वर्ग की महिलाओं का ध्यान बजट में रखा गया है। मॉडल रिया कहती हैं कि यदि सरकारी कामकाजी महिलाओं के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर की महिलाओं का भी ध्यान रखा जाता तो बेहतर होता। बजट से काफी उम्मीद थी लेकिन महिलाओं के लिए टैक्स में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है।