नए ट्रैक को पुरानी रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा
दिल्ली मंडल के रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक बिछाने का काम शुरू हो गया है। पुल के दोनों ओर नए ट्रैक को पुरानी रेलवे लाइन से जोड़ दिया जाएगा। इस काम में थोड़ा समय लगेगा। ऐसे में पूरी तरह से निर्माण कार्य नवंबर तक पूरा हाेने की उम्मीद है। इसके बाद पुराने लोहे के पुल को रेलवे के लिए बंद कर दिया जाएगा।
जलस्तर बढ़ने पर प्रभावित होता है ट्रेनों का परिचालन
लगभग डेढ़ सौ वर्ष से अधिक पुराने लोहे के पुल से ट्रेनें धीमी गति से गुजरती हैं। बारिश के मौसम में खासकर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होता है। वहीं जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने पर पुल को यातायात के लिए बंद करना पड़ता है। बीते वर्ष जुलाई में बाढ़ आने पर कई दिनों तक ट्रेनों की आवाजाही बंद की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि यमुना का जलस्तर बढ़ने पर पुल से ईएमयू 15 किलोमीटर प्रतिघंटे, मेल व एक्सप्रेस ट्रेनें 20 किलोमीटर प्रतिघंटे और मालगाड़ियां 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से गुजरती हैं।
थमेंगी ट्रेनें, गुजरेंगे वाहन
पुराना लोहे का पुल दो मंजिला है। इसके ऊपरी हिस्से पर ट्रेनें गुजरती हैं, जबकि नीचे की सड़क पर वाहनों की आवाजाही रहती है। नया पुल बनने के बाद रेलवे अपना ट्रैफिक उस पर शिफ्ट देगा। वहीं, नीचे का हिस्सा वाहनों के लिए खुला रहेगा। ट्रेनें बंद होने के बाद गांधी नगर और चांदनी चौक के बीच छोटे वाहनों की आवाजाही बनी रहेगी।