हरियाणा से सटे पंजाब के शंभू व खनौरी बॉर्डर के खुलने के बाद गुरुवार को सिंघु बॉर्डर से भी बैरिकेड हटाने का काम शुरू कर दिया गया। क्रेन के जरिये गुरुवार सुबह से कैरिज-वे पर लगे जर्सी बैरियर और कंक्रीट के बैरिकेट को हटाने का काम शुरू किया।
किसानों के दिल्ली कूच के बाद सिंघु बॉर्डर पर लगे कंक्रीट के बैरिकेड को 13 माह बाद हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। गुरुवार को सिंघु बॉर्डर स्थित दोनों कैरिज-वे को खोलने का काम शुरू कर दिया गया। हालांकि 27 फरवरी 2024 को दोनों कैरिज-वे की दोनों तरफ की दो लेन और सर्विस लेन को वाहनों के लिए खोल दिया था। ऐसे में अब दिल्ली से कुंडली जाने वालों को काफी राहत पहुंचेगी और बिना जाम के निकल सकेंगे।
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हरियाणा से सटे पंजाब के शंभू व खनौरी बॉर्डर के खुलने के बाद गुरुवार को सिंघु बॉर्डर से भी बैरिकेड हटाने का काम शुरू कर दिया गया। क्रेन के जरिये गुरुवार सुबह से कैरिज-वे पर लगे जर्सी बैरियर और कंक्रीट के बैरिकेट को हटाने का काम शुरू किया। बाहरी उत्तरी जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीमेंट के जर्सी बैरियर को हटाने का काम अगले तीन से चार दिनों में पूरा कर दिया जाएगा।
किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान के बाद 11 फरवरी 2024 को सिंघु सीमा से पूरी तरह से वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। हरियाणा की तरफ जाने वाली सड़क के दोनों तरफ कंक्रीट के बैरिकेड लगाए गए थे। साथ ही कंटीले तार लगाकर सीमा सील कर दी गई थी, जिससे पैदल यात्रियों को भी यहां से गुजरने में काफी दिक्कत आ रही थी। 27 फरवरी 2024 को सिंघु बॉर्डर की दोनों सर्विस रोड को खोल दिया गया था, लेकिन यहां स्थित कैरिज-वे की दोनों तरफ की दो-दो लेन ही खोली गई थीं, लेकिन दो लेन पर बैरिकेड लगे थे। गुरुवार सुबह से ही मजदूरों ने वहां पहुंचकर बैरिकेड हटाने का काम शुरू कर दिया।