डॉक्टर ने कहा था हाथ काट दो, भोले ने रखा भरोसा, 26 साल से कांवड़ ला रहे सुरेश
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। आस्था में इतनी ताकत होती है कि मुश्किल हालात में भी इंसान उम्मीद नहीं छोड़ता। ऐसी ही कहानी है रेवाड़ी के 65 वर्षीय सुरेश की। कभी डॉक्टरों ने उनका हाथ काटने तक की बात कह दी थी, लेकिन उन्होंने भगवान शिव पर भरोसा रखा। मौजूदा समय में वह पिछले 26 साल से लगातार कांवड़ यात्रा कर रहे हैं और हर साल पैदल गंगाजल लेकर भोले बाबा को अर्पित करते हैं।
सुरेश बताते हैं कि कई वर्ष पहले गंभीर बीमारी के कारण उनका बायां हाथ बुरी तरह प्रभावित हो गया था। डॉक्टरों ने हाथ काटने की सलाह दी, लेकिन सुरेश ने भगवान शिव से प्रार्थना की और मन्नत मांगी थी, अगर हाथ ठीक हो गया तो वह हरिद्वार से गृह स्थान तक 11 बार पैदल कांवड़ लेकर आएंगे।
कुछ समय बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और हाथ ठीक हो गया। इसके बाद उन्होंने मन्नत पूरी करने का संकल्प लिया और यह यात्रा उनके जीवन का हिस्सा बन गई। सुरेश के भतीजे राकेश ने भी उनके ठीक होने के लिए गंगोत्री में मन्नत मांगी थी, जिसे उन्होंने भी निभाया। अब दोनों चाचा-भतीजा हर साल कांवड़ लेकर निकल पड़ते हैं।
सुरेश कहते हैं कि भोले बाबा पर विश्वास ही उन्हें नई ऊर्जा देता है। लंबी दूरी, थकान और उम्र उनकी भक्ति के आगे छोटी लगती है। उनकी यह यात्रा विश्वास, संकल्प और आस्था की मिसाल बन चुकी है।