गाजियाबाद में सपा के मुरादनगर अध्यक्ष महबूब अंसारी को मुरादनगर विधानसभा की पूर्व प्रभारी रश्मि चौधरी ने मंगलवार को सपा कार्यालय में चल रही मीटिंग में तड़ातड़ कई तमाचे रसीद कर दिए। अचानक हुई इस घटना से हर कोई हक्का बक्का रह गया। रश्मि चौधरी को एक कमरे में बंद करके महबूब अंसारी के समर्थकों से बचाया गया।
रश्मि ने आरोप लगाया कि महबूब अंसारी कई दिन से फोन करके अश्लील बातें करके उसे परेशान कर रहे थे। इसकी शिकायत जिलाध्यक्ष से भी की थी लेकिन उन्होंने भी गंभीरता से नहीं लिया। मजबूर होकर यह कदम उठना पड़ा।
उधर, अनुशासनहीनता के आरोप में जिलाध्यक्ष साजिद हुसैन ने रश्मि को पार्टी से बाहर निकालने की सिफारिश प्रदेश अध्यक्ष से की है। इधर सपा की महिला पदाधिकारियों ने रश्मि का समर्थन करते हुए महबूब अंसारी को पार्टी से बाहर निकालने की मांग की है। इस बारे में महबूब अंसारी का कहना है कि मुझे गंदी राजनीति का शिकार बनाया गया है। एक सपा नेता के इशारे पर सब कुछ हुआ है।
सपा में डर्टी पॉलिटिक्स: लखनऊ तक पहुंचा मामला
गाजियाबाद के सपा के कार्यालय में सीएम की तैयारियों के लिए बुलाई गई मीटिंग तमाचों की गूंज के साथ खत्म हुई। घंटों तक हंगामा हुआ। माहौल तनावपूर्ण बना रहा। जैसे तैसे महबूब अंसारी और रश्मि के समर्थकों को शांत किया गया।
मुख्यमंत्री के चार अगस्त को मेरठ आगमन की तैयारियों को लेकर आरडीसी के सपा कार्यालय में मंगलवार को बैठक बुलाई गई थी। जिला व महानगर सभा के पदाधिकारी मेरठ वाहन ले जाने पर चर्चा कर रहे थे। करीब 11 बजे मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व प्रभारी रश्मि चौधरी खड़ी हुईं और सामने बैठे महबूब अंसारी को जोरदार थप्पड़ रसीद कर दिए।
थप्पड़ इतनी जोर से पड़े कि महबूब अंसारी कुर्सी से नीचे जा पड़े। अचानक हुई घटना से मीटिंग में हंगामा हो गया। अंसारी समर्थक रश्मी चौधरी की ओर लपके तो सपा महिला सभा की पूर्व जिलाध्यक्ष मधु चौधरी समेत कई महिलाएं बीच में आईं और रश्मि को एक कमरे में बंद करके उनसे बचाया। सपा नेताओं के गनर टेबिल लगाकर कमरे के आगे खड़े हो गए।
कार्यालय में घंटों हुआ हंगामा, माहौल रहा तनावपूर्ण
महबूब अंसारी पर हमले की खबर सुनकर उनके परिवार की महिला महिलाएं और पुरुष वहां पहुंच गए। इधर से रश्मि चौधरी के समर्थक भी तैश में आ गए। जिला व महानगर सभा के पदाधिकारियों ने जैसे तैसे दोनों पक्षों को शांत किया।
रश्मि ने बताया कि महबूब अंसारी एक सप्ताह से लगातार फोन करके उनसे अश्लील बात कर रहा था। मना करने और खुशामद करने के बावजूद वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। परिवार को बर्बाद करने और तेजाब डालने तक की धमकी देता था।
कई अन्य महिलाओं से मुलाकात कराने को कहता था। जिलाध्यक्ष से शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे मेरा परिवार टूट गया। इज्जत नीलाम कराकर राजनीति नहीं करनी है। मैं रिपोर्ट दर्ज करा रही हूं। मामले की जानकारी मुख्यमंत्री को भेज दी है। जल्द ही उनसे मुलाकात करूंगी।
ऐसे कमजोर जिलाध्यक्ष को नहीं रहना चाहिए पद पर?
सपा जिलाध्यक्ष की शह पर रश्मि के साथ अश्लीलता की जा रही थी। इस मामले में महिला सभा की बैठक बुलाई गई है। महबूब अंसारी को पार्टी से नहीं निकाला गया तो महिलाएं सामूहिक इस्तीफा देंगी। न्याय नहीं मिला तो सपा कार्यालय पर आमरण अनशन करेंगे।
- मधु चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष महिला सभा।
बोले महबूब-मुझे गंदी राजनीति का शिकार बनाया
मुझको गंदी राजनीति का शिकार बनाया गया है। सपा के एक नेता के इशारे पर यह वारदात की गई है। यदि रश्मि को सपा से निकालकर रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जाती है तो मैं पार्टी में नहीं रहूंगा। - महबूब अंसारी, मुरादनगर अध्यक्ष।
ऐसा कमजोर जिलाध्यक्ष नहीं चाहिए: ईश्वर मावी
कमजोर और पक्षपातपूर्ण इच्छाशक्ति वाले जिलाध्यक्ष के चलते यह हुआ है। पार्टी लगातार बदनाम हो रही है। जिलाध्यक्ष को हटाया जाना जरूरी है। यह मामला लखनऊ में उठाया जाएगा। - ईश्वर मावी, पूर्व जिलाध्यक्ष।
रश्मि को शांति से कहनी चाहिए थी अपनी बात: साजिद हुसैन
मुझको रश्मि ने कोई कॉल नहीं की है। मारपीट करना अनुशासनहीनता है। उसको शांति से अपनी बात रखनी चाहिए थी। रश्मि को सपा से निष्कासित करने की सिफारिश लखनऊ भेज दी है। महबूब अंसारी को मेरा संरक्षण नहीं है- साजिद हुसैन, सपा जिलाध्यक्ष।