जैसे-जैसे गायों के प्रति उनका प्रेम बढ़ता गया, वैसे ही उन्होंने उन गायों के लिए एक अस्पताल खोलने का सपना संजोया, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत व लगन से पूरा कर दिखाया। आज होडल में करमन सीमा से पहले देवी चित्रलेखा द्वारा गोसेवा धाम अस्पताल का निर्माण कराया जा चुका है। जो एक पशु चिकित्सालय है। अस्पताल में अत्याधुनिक एक्सरे मशीन भी लगवाई गई हैं तथा सीटी मशीन भी जल्द लगाने की योजना पर काम चल रहा है।
गोसेवा के प्रति अपने असीम प्रेम के कारण ही उन्होंने इतना बड़ा अस्पताल बनवाया। वे बेसहारा गोवंश को अपनी गोशाला में रखती हैं और उनकी देखरेख का पूरा इंतजाम करती हैं। यही नहीं वह कथा तथा कार्यक्रमों के आयोजन के माध्यम से लोगों खासकर महिलाओं को कन्या भ्रूण हत्या, कन्या शिक्षा, नेत्र दान व रक्तदान के प्रति जागरूक करने का काम कर रही हैं। चित्रलेखा गरीब कन्याओं का विवाह कराने में भी हमेशा तत्पर रहती हैं। वह कहती हैं कि मां यानी नारी बेहद पूजनीय है, लेकिन मौजूदा समय में संतानों ने उसे महत्व देना कम कर दिया है। यह चिंताजनक है।