सोहना में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं चौका-चूल्हा छोड़कर बैंक पहुंच रहीं है। रविवार को सुबह 7 बजे से ही बैंकों के बाहर लंबी लाइनें दिखीं जिसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। महिलाओं ने बताया कि वह अपना नाश्ता व लंच साथ लेकर आई हैं।
उधर, बैंकों के बाहर बढ़ती भीड़ पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई है। बैंकों में कार्यरत सुरक्षा प्रहरी बैंकों के भीतर व्यवस्था बनाने में सहयोग कर रहे हैं, तो बैंकों के बाहर की सुरक्षा व्यवस्था पुलिस ने संभाल रखी है।
सिंडीकेट बैंक के एटीएम को छोड़कर अन्य किसी भी एटीएम से पैसे नहीं निकले। सभी एटीएम पर मशीन खराब का बोर्ड लगा है। कई एटीएम का शीशे वाला गेट लॉक नजर आ रहा है, तो कई एटीएम पर शटर डाउन मिले। एटीएम ही बंद कर दिए गए हैं।
सोहना शहर स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बाहर खड़े गांव खेड़ा खलीलपुर के सतपाल, किरणकी खेड़ली के राजेश कुमार, पंजाब में पठानकोट के मूल निवासी व सोहना में रह रहे अंकुर व विक्रांत, रोहित, नीरज ने बताया कि वह अपने गांवों से चलकर सुबह 7 बजे से ही बैंक में पैसा जमा कराने के लिए लाइन में लगे हैं। लेकिन दोपहर तक भी उनके पैसे जमा नहीं हो पाए हैं।
उनका कहना था कि बैंक कर्मी अपने चहेतों को भीतर बुलाकर बाहर मेन गेट पर ताला लगा देते हैं। आरबीएल बैंक में एटीएम मशीन खराब होने का बोर्ड टांग दिया गया है। बैंकों के बाहर लगी लाइनों में धक्का-मुक्की के चलते कई महिलाएं गश खाकर गिर पड़ी।