नई दिल्ली से मथुरा जाने वाली शटल गाड़ियों की महिला कोच में पलवल से होडल तक मनचलों का आतंक रहता है। क्योंकि किसी भी स्टेशनों पर महिला कोच की जांच नहीं होती। पलवल से होडल के बीच सफर करने वाली महिलाएं मनचलों के आगे बेबस हैं। इस बात का खुलासा होडल की वेब डिजाइनर समेत अन्य लड़कियों और महिलाओं ने किया।
नाम न छापने की शर्त पर महिलाओं ने बताया कि होडल से पलवल और पलवल से होडल तक शाम के वक्त महिला कोच में मनचलों का आतंक रहता है। उनकी मनमानी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह महिलाओं और लड़कियों के पास आकर जबरन बैठ जाते हैं और भद्दे कमेंट करते हैं। ये कहानी हर रोज की है।
महिलाओं का यहां तक कहना था कि किसी भी स्टेशन पर न तो महिला कोच की जांच की जाती है और न ही मनचलों को उतारा जाता है। कई तो लड़कियों का पीछा करते बल्लभगढ़ और न्यूटाउन तक आते हैं। हैरानी की बात ये है कि महिला सुरक्षा का दावा करने वाले जीआरपी और आरपीएफ मनचलों पर रोक लगाने में नाकाम हैं।
दोनों विभागों के अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोपते हुए बचने की कोशिश कर रहे हैं। सहायक मंडल आयुक्त आरपीएफ आगरा डिवीजन अभय सिंह का कहना है कि ट्रेनों की जांच कराई जाएगी।