सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग को लेकर निगम कर्मचारियों की हड़ताल बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। निगमकर्मियों ने नगर निगम मुख्यालय के गेट पर ताला लगा रखा था। हड़ताल के कारण निगम में दूसरे दिन भी कोई काम काज नहीं हुआ।
दूसरे दिन तीनों जोन में कुल 3870 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने सरकार का पुतला दहन कर बी के चौक से लेकर नीलम चौक तक जुलूस भी निकाला। दो दिन की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था चौपट रही। आम आदमी का कोई काम नहीं हुआ।
बृहस्पतिवार को दूसरे दिन हड़ताली कर्मचारी सुबह दस बजे निगम मुख्यालय गेट पर जमा हो गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला फूंका। इसके बाद नीलम चौक तक जुलूस निकाला। हड़ताल के कारण निगम में न तो कोई अधिकारी आया और न ही कर्मचारी।
जो अधिकारी/ कर्मचारी आए भी थे वह भी हाजिरी लगाकर चलते बने। यानी दिनभर नगर निगम में बीरानी छाई रही। लेग बड़ी संख्या में प्रापर्टी टैक्स, सीवर पानी शुल्क जमा कराए आए थे लेकिन दफ्तरों में लाटा बंद होने के कारण वापस लौट गए।
सबसे अधिक परेशानी जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वालों को हुई। सैकड़ों की संख्या में लोग आए और निराश होकर लौट गए। दो दिन की हड़ताल से पूरे शहर में कहीं भी साफ सफाई नहीं हुई। न ही जमा कूड़े उठाए गए। निगमकर्मियों की इस मनमानी से शहरवासियों में भी खासी नाराजगी है।
लोगों का कहना है कि दीवाली त्योहार सिर पर है और कर्मचारी हड़ताल पर हैं। निगम अधिकारियों के मुताबिक तीनों जोन में कुल 6233 कर्मचारी अधिकारी कार्यरत हैं जिनमें से दूसरे दिन 3870 कर्मचारी गैरहाजिर रहे।
जबकि 2226 कर्मचारियों ने अपनी हाजिरी दिखाई है। इसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि इतने कर्मचारियों के हाजिर रहने के बाद भी नगर निगम में कोई काम नहीं हुआ।