फरीदाबाद में चुनाव के दिन जिला प्रशासन का प्रत्येक विभाग क्षेत्र में शांति से चुनाव प्रक्रिया करवाने और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में व्यस्त होगा।
इस काम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी कई टीमों को रखा गया है। ऐसे में अगर किसी गर्भवती को प्रसव पीड़ा होती है तो उसे सबसे पहले एंबुलेंस की जरूरत होगी। इसे देखते हुए मंगलवार को बीके अस्पताल में एक साथ कई गर्भवती महिलाएं प्रसव के लिए भर्ती हुई। इस कारण अस्पताल का जच्चा-बच्चा वार्ड फुल हो गया।
वार्ड फुल हो जाने के कारण जिन महिलाओं का प्रसव एक या दो दिन पहले हुआ था, उन महिलाओं को छुट्टी दे दी गई। अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को प्रसव के लिए 25 महिलाएं भर्ती हुईं। इनमें से अधिकांश की डिलीवरी डेट 17 और 19 अक्तूबर है।
इसके अलावा 11 अक्तूबर की शाम से प्रसव के लिए कई महिलाएं दाखिल हो रही हैं। डॉक्टरों ने बताया कि कुछ परिवार ऐसे भी हैं जिन्होंने चुनाव के दौरान किसी भी स्वास्थ्य सुविधा न मिलने के डर से समय से पूर्व ऑपरेशन से प्रसव करवाया।
यही नहीं 14 की शाम को अस्पताल से छुट्टी ले ली। हालांकि सिजेरियन से पूर्व इन सभी परिवारों से लिखित में जानकारी ले ली गई कि वे लोग अपनी मर्जी से ऑपरेशन करवा रहे हैं।
सिविल सर्जन डॉ. गुलशन अरोड़ा ने बताया कि सभी स्त्री रोग विशेषज्ञों को ऑन काल रहने के लिए कहा गया है। जो मरीज सिजेरियन करवा रहे हैं उनके परिजनों की पूरी अनुमति और सहमति लिखित में ली जा रही है।
इसके अलावा नॉर्मल डिलीवरियां भी की जा रही है। जिन महिलाओं को अधिक डॉक्टरी देखभाल की आवश्यकता नहीं है, उन्हें छुट्टी दी जा रही है।