अदालत ने आरोपी तृप्ति राजेंद्र पाटिल की दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। द्वारका कोर्ट ने एक ऐसे मामले में सख्त रुख अपनाया है, जिसमें एक महिला पर खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की वरिष्ठ अधिकारी बताकर ड्रग तस्करी करने का आरोप है। अदालत ने आरोपी तृप्ति राजेंद्र पाटिल की दूसरी जमानत अर्जी खारिज की है। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) मनु गोयल खरब ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी ने जिस तरीके से उसने अपनी पहचान छिपाकर जांच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश की, उससे उसके फरार होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी 8 नवंबर 2025 को बैंकॉक से फ्लाइट से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंची थी। जांच से बचने के लिए उसने एनआईए की जैकेट पहन रखी थी और फर्जी पहचान पत्र भी साथ रखा था। हालांकि, कस्टम अधिकारियों को उसके सामान की स्कैनिंग के दौरान संदेह हुआ। तलाशी लेने पर उसके ट्रॉली बैग से 20 पैकेटों में छिपाकर रखा गया 10 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ थ्ज्ञा। कस्टम विभाग ने विशेष लोक अभियोजक पुनीत सिंघल ने अदालत में दलील दी कि यह मामला संगठित नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हो सकता है। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं, जो कई पासवर्ड से सुरक्षित हैं। इनकी फोरेंसिक जांच के लिए आरोपी की हिरासत जरूरी बताई गई है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।