मीना ने बताया कि वो बिहार की रहने वाली है। उसके पति ने उसको छोड़ दिया है। वह माता-पिता के साथ रहती है। पिछले कई महीने से माता-पिता की तबियत खराब चल रही है। इससे वो मानसिक रूप से परेशान हो गई थी।
घर का गुजारा चलाया जा सके, इसके लिए वो नौकरी के लिए किसी के साथ दिल्ली आई थी। उसके पास आधार कार्ड नहीं था। इसलिए उसको कहीं नौकरी नहीं मिल पाई है।
मीना ने बताया कि उसको कोई अस्पताल से बाहर ना निकाले, इसके लिए उसने एक पर्ची बनवा ली और ओपीडी में बैठ गई। दोपहर 2 बजे के बाद ओपीडी खाली हो जाती है, इसलिए वो चुपचाप एक कोने में बैठ गई।
महिला पर किसी की नजर नहीं गई। सीएमएस डॉक्टर अजेय अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को इसकी जानकारी मिली। महिला ने घर जाने के लिए बोला है। महिला को रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया गया। पैसे नहीं होने पर उसका टिकट भी करा दिया गया है।